भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर पहुंचाने का रोडमैप; IRIGC-TEC बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दिए 3 अहम सुझाव

मास्को में आयोजित भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रूस के साथ द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए एक ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की है। जानिए भारत-रूस व्यापार वार्ता और जयशंकर के सुझावों से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Aug 25, 2026 - 12:08
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भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर पहुंचाने का रोडमैप; IRIGC-TEC बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दिए 3 अहम सुझाव

नई द‍िल्‍ली। रूस में आईआरआईजीसी-टेक के 27वें सत्र की संयुक्त अध्यक्षता करते हुए व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा क‍ि भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-Tech) के 27वें सत्र में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्‍होंने कहा क‍ि हमारे पिछले सत्र के बाद से, दोनों देशों के नेताओं ने हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। दिसंबर 2025 में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की गई थी।

उन्‍होंने कहा क‍ि भारत और रूस की साझेदारी ने हमेशा अपनी मजबूती और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद, दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है। यह हमारे साझा हितों और आपसी भरोसे को दर्शाता है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की सबसे बड़ी ताकत है।

जयशंकर ने कहा क‍ि पिछले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार चार गुना से भी अधिक बढ़ा है। यह 2021-22 में लगभग 13 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में करीब 60 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

उन्‍होंने कहा क‍ि यह हमारी आर्थिक साझेदारी की बड़ी संभावनाओं को दिखाता है। हालांकि, व्यापार में इस तेज वृद्धि के साथ व्यापार असंतुलन भी काफी बढ़ा है। यह लगभग 6.6 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। आज इस व्यापार असंतुलन को कम करना हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है।

व‍िदेश मंत्री ने कहा क‍ि व्यापार असंतुलन को दूर करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के हमारे साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना, भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाना और व्यवसायों के बीच सहयोग बढ़ाना बहुत महत्वपूर्ण होगा। आज हम भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच प्रस्तावित 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' पर हुई चर्चाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं।

इस दौरान व‍िदेश मंत्री ने आईआरआईजीसी-टेक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के ल‍िए कार्य समूहों और उप-समूहों के सह-अध्यक्षों के लिए तीन सुझाव भी रखे। इनमें क्रियान्वयन और परिणामों पर ध्यान देना, व्यापार जगत के साथ जुड़ाव और मजबूत करना और नए अवसरों की लगातार तलाश करना शाम‍िल हैं।


इनपुट : आईएएनएस

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