खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में मिल रही खाद, यूरिया और डीएपी की कोई कमी नहीं: सरकार

Aug 07, 2026 - 19:48
0 1
खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में मिल रही खाद, यूरिया और डीएपी की कोई कमी नहीं: सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि देश में किसानों के लिए उर्वरकों (फर्टिलाइजर) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार के अनुसार, पिछले तीन वर्षों और मौजूदा खरीफ सीजन 2026 के दौरान यूरिया और डीएपी की कोई कमी नहीं रही है तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। 

लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रत्येक फसल मौसम शुरू होने से पहले कृषि विभाग सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर राज्यवार और माहवार उर्वरकों की आवश्यकता का आकलन करता है। इसी के आधार पर राज्यों को हर महीने पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का आवंटन किया जाता है और उनकी उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाती है।

मंत्री ने बताया कि देश भर में सब्सिडी वाले प्रमुख उर्वरकों की आवाजाही और उपलब्धता पर निगरानी रखने के लिए इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) नामक ऑनलाइन वेब-आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे उर्वरकों की आपूर्ति शृंखला पर रियल टाइम निगरानी संभव हो पाती है।

उन्होंने कहा कि यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग तथा घरेलू उत्पादन के बीच का अंतर आयात के माध्यम से पूरा किया जाता है। इसके लिए आवश्यक आयात की योजना पहले से ही तैयार कर ली जाती है, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। राज्य सरकारों को भी निर्माताओं और आयातकों के साथ समन्वय कर समय पर मांग भेजने की सलाह दी जाती है।

अनुप्रिया पटेल ने बताया कि उर्वरकों की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए रेलवे मंत्रालय के साथ नियमित समन्वय किया जाता है। राज्यों तक उर्वरकों की तेज और समय पर ढुलाई के लिए पर्याप्त रेलवे रैक उपलब्ध कराए जाते हैं और उर्वरकों को प्राथमिकता दी जाती है।

सरकार ने कहा कि किसानों को खाद रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। यूरिया सब्सिडी योजना के तहत 45 किलोग्राम के एक बैग की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 242 रुपए निर्धारित की गई है। इस कीमत में नीम कोटिंग और लागू टैक्स शामिल नहीं हैं।

मंत्री ने बताया कि खेत तक पहुंचने वाली यूरिया की वास्तविक लागत और बाजार से मिलने वाली कीमत के बीच का अंतर केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में निर्माता या आयातक को देती है। यही कारण है कि किसानों को यूरिया कम कीमत पर उपलब्ध हो पाता है।

इसके अलावा, सरकार फॉस्फेटिक और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों के लिए न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) योजना भी चला रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी दरें तय की जाती हैं, ताकि किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के दौरान डीएपी को 1,350 रुपए प्रति 50 किलोग्राम बैग की किफायती कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत प्रति मीट्रिक टन 3,500 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें फैक्टरी से खेत तक परिवहन लागत, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का प्रभाव और जीएसटी जैसी लागतों को शामिल किया गया है। यह सुविधा घरेलू और आयातित डीएपी तथा आयातित टीएसपी दोनों पर लागू है।

हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि आयातित फॉस्फेटिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए उत्पादकों को उचित मूल्य निर्धारण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि सरकार नैनो उर्वरकों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। इसके लिए जागरूकता शिविर, वेबिनार, खेत प्रदर्शन, किसान सम्मेलन और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्में आयोजित की जा रही हैं। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि नैनो उर्वरकों पर फिलहाल कोई सरकारी सब्सिडी नहीं दी जाती।

सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत वसूली को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए हैं। कृषि विभाग राज्य सरकारों के साथ मिलकर ऐसी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखता है और राज्यों द्वारा की गई कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा भी करता है।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User