मल्लिका बजाज- विदेशी एल्गोरिदम से निपटने के लिए भारत को मिले युवा डिजिटल मंत्री

वरिष्ठ पत्रकार के साथ एक विशेष साक्षात्कार में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ मल्लिका बजाज ने भारत में एक समर्पित युवा डिजिटल मंत्री नियुक्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी एल्गोरिदम और 'एल्गोरिद्मिक कॉग्निटिव रीइन्फोर्समेंट लूप' (ACRL) के कारण देश में डिजिटल हिंसा, अश्लीलता और भ्रामक जानकारी फैल रही है। मल्लिका ने भारत की मानसिक संप्रभुता (Mind Sovereignty) और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वदेशी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर जोर दिया।

Aug 09, 2026 - 11:04
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मल्लिका बजाज- विदेशी एल्गोरिदम से निपटने के लिए भारत को मिले युवा डिजिटल मंत्री

नई दिल्ली: टेक-पॉलिटिक्स और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की 'मानसिक संप्रभुता' (Mind Sovereignty) को सुरक्षित रखने की मांग तेज हो गई है। वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश (Smita Prakash) को दिए एक Podcast में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ मल्लिका बजाज (Mallika Bajaj) ने भारत में एक समर्पित युवा डिजिटल मंत्री (Young Digital Minister) की नियुक्ति का आह्वान किया है।

मल्लिका बजाज का मानना है कि विदेशी प्लेटफॉर्म्स और उनके एल्गोरिदम आधुनिक युद्ध क्षेत्र (Modern Warfare) में सूचना को सबसे पहला हथियार बना रहे हैं, जिससे निपटने के लिए नई पीढ़ी के तकनीकी नेतृत्व की सख्त जरूरत है।

क्या है 'ACRL' और इसके खतरे?

साक्षात्कार के दौरान मल्लिका बजाज ने विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एल्गोरिद्मिक कॉग्निटिव रीइन्फोर्समेंट लूप (Algorithmic Cognitive Reinforcement Loop - ACRL) के खतरों को रेखांकित किया:

  • '4V' का बढ़ता प्रभाव: उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी एल्गोरिदम मुख्य रूप से चार चीजों— द्वेष (Viciousness), वायरल होना (Virality), अश्लीलता (Vulgarity) और हिंसा (Violence) को बढ़ावा देते हैं।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा लीक: एआई डीपफेक्स (AI Deepfakes), राष्ट्रीय डेटा लीक और नागरिकों की सोच को अनजाने में प्रभावित करने जैसे मुद्दे सीधे तौर पर भारत के तकनीकी ढांचे और संप्रभुता के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।

विशेषज्ञ और रक्षा बिरादरी का समर्थन

मल्लिका बजाज के इस विश्लेषण की विशेषज्ञ बिरादरी में काफी सराहना हो रही है। भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे (Lt Gen DP Pandey) ने कॉग्निटिव वॉरफेयर (Cognitive Warfare) और डिजिटल संप्रभुता पर मल्लिका की स्पष्टता की खुलकर तारीफ की।

हालांकि, तकनीकी और नीतिगत गलियारों में इस बात को लेकर स्वस्थ बहस भी छिड़ गई है कि क्या इस समस्या से निपटने के लिए एक नया 'डिजिटल मंत्रालय' बनाना सही कदम होगा या फिर मौजूदा बिग-टेक (Big-Tech) प्लेटफॉर्म्स पर कड़े नियम और रेगुलेशन लागू करना अधिक प्रभावी रहेगा।

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