मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सीएम विजय की सरकार को दिया झटका
- करूर भगदड़ में मृतकों के परिवारों को नहीं मिलेगी 'दया के आधार पर नौकरी'
तमिलनाडु: मद्रास हाई कोर्ट ने CM Joseph Vijay की सरकार को झटका दिया है। Court ने करूर भगदड़ में मृतकों के परिवारों को 'दया के आधार पर नौकरी' देने के सरकारे के फैसले को रद्द कर दिया है।
जानकारी के अनुसार , मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने सोमवार (27 जुलाई) को Tamil Nadu Government के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत पिछले साल सितंबर में करूर भगदड़ की घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों को 'दया के आधार पर नौकरी' (compassionate appointment) दी जा रही थी। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इससे इस तरह की मांग की बाढ़ आ जाएगी। पीटीआई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, Court ती बेंच ने ये भी कहा कि पीठ ने कहा कि सरकार की शक्तियों का प्रयोग संवैधानिक सीमाओं के भीतर ही होना चाहिए।
जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और जस्टिस आर. शक्तिवेल की डिवीजन बेंच ने कहा कि यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। बेंच ने कहा कि हर सरकारी विभाग में ऐसे कई लोग हैं जो दया के आधार पर नौकरी का इंतज़ार कर रहे हैं, और उनकी जरूरतों को नज़रअंदाज़ करके इस मामले में पीड़ित परिवारों को नौकरी देना सही नहीं है। Court ने यह भी कहा कि भले ही राज्य ने संविधान के अनुच्छेद 162 के तहत अपनी प्रशासनिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ये आदेश जारी करने का दावा किया हो, लेकिन इन शक्तियों का इस्तेमाल संविधान के नियमों और सीमाओं के दायरे में ही किया जाना चाहिए था।
Court ने यह भी कहा कि अगर इस मामले में दया के आधार पर नौकरी (compassionate appointment) की इजाजत दी जाती, तो इससे ऐसे ही और भी कई लोगों के लिए नौकरी मांगने का रास्ता खुल जाता। Court ने आतिशबाजी और मोटर दुर्घटनाओं के उदाहरण दिए, जिनमें भले ही जान का नुकसान सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ हो, फिर भी पीड़ितों को दया के आधार पर नौकरी नहीं, बल्कि सिर्फ मुआवजा (ex-gratia payment) दिया गया था। Court ने कहा कि अगर ऐसी नियुक्तियों की इजाजत दी जाती, तो सरकार को उन मामलों में भी नौकरी देनी पड़ती। बता दें, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने जुलाई की शुरुआत में करूर के दौरा किया था और भगदड़ के हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों में से 32 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी का लेटर भी दिया था।
41 लोगों की हुई थी मौत: दरअसल, Tamil Nadu के करूर में 27 सितंबर 2025 को भगदड़ मच गई थी। यहां थलापति विजय की पार्टी टीवीके की रैली हो रही थी। भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु सरकार हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है।
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