Assam Floods Update: असम में बाढ़ का तांडव; 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित, मृतकों की संख्या 68 पहुंची

असम में मानसूनी बारिश और उफान पर बहती नदियों के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य भर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है, जबकि 5.24 लाख से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं। ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों में स्थिति अत्यधिक चिंताजनक बनी हुई है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

Jul 28, 2026 - 14:04
0 0
Assam Floods Update: असम में बाढ़ का तांडव; 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित, मृतकों की संख्या 68 पहुंची
Assam Floods Update: असम में बाढ़ का तांडव; 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित, मृतकों की संख्या 68 पहुंची

गुवाहाटी/दिसपुर: असम में लगातार बारिश और पड़ोसी राज्यों में हुए बादल फटने के कारण आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य भर में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 68 हो गई है।

वर्तमान में राज्य के विभिन्न जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं।

ऊपरी असम में 60 सालों का सबसे भीषण जलप्रलय

बाढ़ का सबसे गंभीर असर ऊपरी असम (Upper Assam) के जिलों में देखने को मिला है। शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, गोलाघाट और नगांव जिले पानी में डूब चुके हैं।

स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के अनुसार, शिवसागर और आसपास के क्षेत्रों में बीते 60 वर्षों में ऐसी तबाही नहीं देखी गई थी। नागालैंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने के कारण धनसिरी और दिखौ नदियां उफान पर आ गईं, जिससे कई स्थानों पर तटबंध टूट गए और पानी बस्तियों में घुस गया।

असम बाढ़ आंकड़े (Assam Flood Overview)

विवरण आंकड़े
कुल मौतें (Death Toll) 68
प्रभावित आबादी (Affected Population) 5.24 लाख से अधिक
जलमग्न कृषि भूमि (Submerged Cropland) 34,000+ हेक्टेयर
राहत शिविर (Relief Camps) 270 से अधिक सक्रिय शिविर
सबसे प्रभावित जिले शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, गोलाघाट

राहत और बचाव कार्य तेज (Relief & Rescue Operations)

आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हुई हैं:

  • राहत शिविरों की व्यवस्था: 18,000 से अधिक विस्थापित लोगों को 270 से अधिक राहत शिविरों में शरण दी गई है, जहाँ उन्हें सूखा राशन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान: बाढ़ के पानी से सैकड़ों सड़कों, पुलों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में बारिश की रफ्तार कम हुई है जिससे जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, जलभराव और महामारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User