Protesters Criminal Records Identified: पुलिस ने 'आपराधिक पृष्ठभूमि' वाले 2,873 प्रदर्शनकारियों की पहचान की; कड़े एक्शन की तैयारी
हालिया हिंसक विरोध-प्रदर्शनों और उपद्रव के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 'आपराधिक पृष्ठभूमि' (Criminal Backgrounds) वाले 2,873 प्रदर्शनकारियों की पहचान कर ली है। डिजिटल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए चिन्हित किए गए इन असामाजिक तत्वों में से कई पर पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्धों के खिलाफ धरपकड़ शुरू कर दी है।
नई दिल्ली: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हिंसा भड़काने और कानून व्यवस्था को ठप करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और कड़ा संदेश देने वाली कार्रवाई शुरू कर दी है। ताजा घटनाक्रम में पुलिस और जांच एजेंसियों ने विशेष जांच अभियानों के माध्यम से ऐसे 2,873 प्रदर्शनकारियों की पहचान की है, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal Background) रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये असामाजिक तत्व आम जनता के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की आड़ लेकर हिंसा भड़काने और स्थिति को तनावपूर्ण बनाने में शामिल थे।
हाई-टेक सर्विलांस से हुई पहचान (CCTV & Facial Recognition)
उपद्रवियों और साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने के लिए पुलिस प्रशासन ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया:
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सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज: प्रदर्शन स्थलों और प्रभावित इलाकों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
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फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर (FRS): चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक की मदद से उपद्रवियों की तस्वीरों का मिलान आपराधिक रिकॉर्ड डेटाबेस से किया गया।
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2,873 अपराधियों की सूची: जांच में पाया गया कि चिन्हित 2,873 व्यक्तियों में से अधिकांश पर पहले से ही दंगा भड़काने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
"शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में अराजकता बर्दाश्त नहीं" (Police Statement)
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक ढांचे में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में आपराधिक तत्वों द्वारा हिंसा फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा:
"हमारी जांच में साफ हुआ है कि कई स्थानों पर भीड़ को उकसाने और योजनाबद्ध तरीके से पथराव व आगजनी करने का काम बाहरी और शातिर अपराधियों द्वारा किया गया था। हमने 2,873 ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया है। इनमें से कई को हिरासत में लिया जा चुका है और बाकी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर छापेमारी की जा रही है।"
गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने चिन्हित किए गए उपद्रवियों पर सख्त धाराएं लगाई हैं। साथ ही, सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई भी आरोपियों की संपत्तियों से करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को दें।
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