Delhi Reservation Protest: दिल्ली में आरक्षण सुधारों को लेकर प्रदर्शन; जंतर-मंतर पर नहीं मिली इजाजत, रामलीला मैदान में 500 लोगों के जुटने की सशर्त मंजूरी
राजधानी दिल्ली में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के आयोजकों और सामान्य वर्ग के समर्थकों द्वारा आरक्षण कानूनों में व्यापक सुधार और योग्यता आधारित समानता की मांग को लेकर प्रदर्शन का आयोजन किया गया। आयोजक पहले जंतर-मंतर पर जुटने की योजना बना रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) का हवाला देते हुए वहां अनुमति देने से इनकार कर दिया। जानिए दिल्ली में आरक्षण सुधार प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी पूरी रिपोर्ट।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में आरक्षण नीतियों में सुधार और मेरिट आधारित अवसर की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच अनुमति को लेकर स्थिति बनी रही। 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' (Reservation Hatao Andolan) से जुड़े कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामान्य वर्ग संगठनों ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग के समर्थन में आवाज उठाई।
शुरुआत में आयोजकों ने जंतर-मंतर पर बड़े जमावड़े की योजना बनाई थी, लेकिन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से दिल्ली पुलिस ने वहां सभा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
जंतर-मंतर पर रोक, रामलीला मैदान में सशर्त मंजूरी
राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
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जंतर-मंतर पर निषेधाज्ञा: जंतर-मंतर और नई दिल्ली क्षेत्र में 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी (निषेधाज्ञा) लागू होने के कारण पुलिस ने वहां किसी भी प्रकार के धरने या प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी।
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रामलीला मैदान में सीमित अनुमति: प्रशासनिक समीक्षा के बाद पुलिस ने मध्य दिल्ली के रामलीला मैदान में अधिकतम 500 लोगों की उपस्थिति के साथ शाम 4:00 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी।
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जुलूस और पदयात्रा पर पूर्ण रोक: पुलिस ने साफ किया कि प्रदर्शनकारियों को केवल निर्धारित मैदान के भीतर ही एकत्रित होने की अनुमति है; सड़कों पर किसी भी प्रकार की रैली, मार्च या जुलूस निकालने की सख्त मनाही रहेगी।
भ्रामक सोशल मीडिया दावों पर पुलिस की चेतावनी
कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर कुछ संदेश वायरल हो रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मिल चुकी है:
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दिल्ली पुलिस का खंडन: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक और असत्य हैं।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: पुलिस ने चेतावनी दी कि भ्रामक सूचनाएं फैलाने या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जबरन भीड़ जुटाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
योग्यता आधारित अवसर और सुधारों की मांग
प्रदर्शनकारी संगठनों का मुख्य जोर सरकारी भर्तियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के पुनर्मूल्यांकन पर रहा:
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आर्थिक आधार और मेरिट पर जोर: प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि नीतियों में योग्यता (Merit) को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और आरक्षण के लाभ का पुनर्गठन वास्तविक जरूरतमंदों के उत्थान के आधार पर किया जाना चाहिए।
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संयम और शांति की अपील: आयोजकों ने समर्थकों से पुलिस द्वारा तय की गई शर्तों और समय-सीमा का पालन करते हुए अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का आह्वान किया।
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