कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और एटीएस संभालेगी मोर्चा
- एडीजी बोले- परंपरागत मार्गों से ही करें यात्रा, एक्सप्रेसवे पर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित.
- महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर सोशल मीडिया निगरानी तक, हर मोर्चे पर रहेगी पैनी नजर.
मेरठ। श्रावण कांवड़ यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का व्यापक खाका तैयार किया है। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और आम जनजीवन को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी लागू की गई है। यात्रा के दौरान पूरे प्रदेश में 60 हजार से अधिक आरक्षियों और करीब साढ़े पांच हजार उपनिरीक्षकों की तैनाती रहेगी। सभी पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) भी लगातार निगरानी करेगा।
शिवालयों से लेकर जलाशयों तक रहेगी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
एडीजी ने कांवड़ियों से केवल परंपरागत कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक एक्सप्रेसवे और मेरठ-लखनऊ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। पारंपरिक मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, झाड़ियों की सफाई, चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस जैसी सभी जरूरी सुविधाएं पहले ही उपलब्ध करा दी गई हैं।
सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक प्रमुख शिवालय पर तीन से सात स्तर तक सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। गर्भगृह, मंदिर परिसर और प्रवेश मार्गों पर अलग-अलग सुरक्षा घेरा बनाया गया है। वहीं सभी प्रमुख जलाशयों पर बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती, पीएसी की फ्लड कंपनियां, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेंगी। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य, अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि मंदिरों, कांवड़ मार्गों और जलाशयों पर उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा नोएडा और गाजियाबाद में भी एटीएस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहेंगी।
कांवड़ की ऊंचाई अधिकतम 10 फीट और चौड़ाई 10 से 12 फीट तक निर्धारित
प्रशासन ने कांवड़ की ऊंचाई अधिकतम 10 फीट और चौड़ाई 10 से 12 फीट तक निर्धारित की है। डीजे और साउंड सिस्टम के लिए 75 डेसिबल की सीमा तय की गई है। पुलिस साउंड मैपिंग उपकरणों से लगातार निगरानी करेगी और सीमा से अधिक ध्वनि होने पर तत्काल कार्रवाई होगी। यात्रा के दौरान भड़काऊ, अश्लील या जाति एवं संप्रदाय विशेष को लक्षित करने वाले गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों से केवल भजन और आध्यात्मिक संगीत का उपयोग करने की अपील की गई है।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग होटल, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की गुणवत्ता तथा रेट सूची की जांच करेगा। दुकानदारों को मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल वॉलंटियर्स और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी।
एडीजी ने कहा कि सरकार और पुलिस का लक्ष्य इस बार कांवड़ यात्रा को जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट के सिद्धांत पर सफलतापूर्वक संपन्न कराना है। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और श्रद्धालुओं के सहयोग की भी अपेक्षा की गई है।
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