ट्रंप की मौजूदगी में PM मोदी का बड़ा संदेश; 'समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, नाविक बिना डर के काम करें'

PM Modi ने G7 नेताओं की बैठक में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य जी7 नेताओं के सामने कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें...

Jun 17, 2026 - 11:40
0 7
ट्रंप की मौजूदगी में PM मोदी का बड़ा संदेश; 'समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, नाविक बिना डर के काम करें'
G7 Summit

एवियन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप और अन्य G7 नेताओं की मौजूदगी में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित हों और नाविक बिना डर के काम करें. ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद PM Modi ने मंगलवार को G7 नेताओं की बैठक में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य जी7 नेताओं के सामने कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।

'कई भारतीय नागरिकों की जान भी गई'

फ्रांस के एवियन में हो रहे G7 शिखर सम्मेलन के 'नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण' विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार में रुकावटों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है और कई भारतीय नागरिकों की जान भी गई है। पिछले हफ्ते ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सेना के हमले में चालक दल के 3 भारतीय सदस्यों की मौत के बाद भारत में बढ़ते गुस्से के बीच PM मोदी ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक से एक दिन पहले यह मुद्दा उठाया।

'शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत'

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, 'हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है।' उन्होंने आगे कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में समुद्री व्यापार में बाधाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 

    'यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें जो वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को जोड़ते हैं। हमें यह पक्का करना होगा कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।'

'भरोसा ही सबसे बड़ी रणनीतिक संपत्ति'

अपने संबोधन में वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशों के बीच भरोसे की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति न तो खनिज हैं, न तकनीक और न ही बाजार, बल्कि आपसी भरोसा है। पीएम मोदी ने कहा,

    'आज की दुनिया पहले से कहीं ज़्यादा आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर है। किसी देश की ऊर्जा, भोजन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा, साथ ही उसकी आर्थिक समृद्धि, सिर्फ उसकी अपनी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। आवाजाही, डेटा, पूंजी और प्रौद्योगिकी, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं। ऐसे समय में, साझेदारी का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। हालांकि, साझेदारी तभी सफल होती है जब उसके मूल में भरोसा हो।'

PM मोदी ने किया ग्लोबल साउथ का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये देश वैश्विक विकास में केवल सहायता नहीं, बल्कि समान भागीदारी चाहते हैं और दुनिया की विकास यात्रा में सक्रिय साझेदार बनना चाहते हैं। G7 के मंच पर दिए गए पीएम मोदी के इस बयान को वैश्विक समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भरोसे पर आधारित नई विश्व व्यवस्था की दिशा में भारत के रुख के रूप में देखा जा रहा है।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 1
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User