Chhattisgarh First Grain ATM Annapurti: छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ पहला 24/7 ग्रेन एटीएम 'अन्नपूर्ति'; बायोमेट्रिक लगाओ और 24 घंटे किसी भी समय पाओ राशन

छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और राशन कार्ड धारकों को सुविधा देने के लिए पहला 24/7 स्वचालित 'ग्रेन एटीएम' (Grain ATM - 'अन्नपूर्ति') लॉन्च किया है। रायपुर के बीरगांव और दुर्ग जिले में स्थापित यह मशीन बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद 24 घंटे चावल और अन्य खाद्यान्न वितरित करती है। 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत पात्र लाभार्थी किसी भी समय अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं।

Aug 11, 2026 - 16:24
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Chhattisgarh First Grain ATM Annapurti: छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ पहला 24/7 ग्रेन एटीएम 'अन्नपूर्ति'; बायोमेट्रिक लगाओ और 24 घंटे किसी भी समय पाओ राशन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न वितरण प्रणाली में एक बड़ी तकनीकी क्रांति देखने को मिली है। राज्य सरकार ने रायपुर जिले के बीरगांव और दुर्ग जिलों में राज्य के पहले स्वचालित ग्रेन एटीएम (Grain ATM) 'अन्नपूर्ति' की शुरुआत की है।

बैंक एटीएम की तर्ज पर काम करने वाली इस स्वचालित मशीन के जरिए अब राशन कार्ड धारक बिना किसी लंबी लाइन या राशन दुकान के खुलने-बंद होने के झंझट के 24/7 (24 घंटे और सातों दिन) अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे।

कैसे काम करता है 'अन्नपूर्ति' ग्रेन एटीएम?

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्थापित यह मशीन आधुनिक तकनीक पर आधारित है:

  1. स्टोरेज क्षमता: अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम में एक समय में 2,500 किलोग्राम (2.5 टन) तक चावल और खाद्यान्न का भंडारण किया जा सकता है।

  2. बायोमेट्रिक सत्यापन: लाभार्थी को अपना राशन प्राप्त करने के लिए मशीन पर आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज कर फिंगरप्रिंट (अंगूठे का निशान) या आईरिस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करना होता है।

  3. सटीक तौल और त्वरित वितरण: ऑथेंटिकेशन पूरा होते ही मशीन स्वचालित रूप से तय मात्रा के अनुसार अनाज तौलकर नीचे लगी ट्रे या बोरी में गिरा देती है। इसमें राशन मिलने की प्रक्रिया महज कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है।

  4. 'वन नेशन वन राशन कार्ड' से जुड़ाव: इस एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ONORC) योजना से जुड़ा है। इसके तहत देश के किसी भी हिस्से का पात्र नागरिक या प्रवासी मजदूर इस मशीन से अपना मासिक राशन निकाल सकता है।

बिचौलियों पर लगाम और कामकाजी महिलाओं को राहत

इस पहल का समर्थकों और आम जनता ने जोरदार स्वागत किया है:

  • बिचौलियों और चोरी पर रोक: मशीन से राशन के सटीक वजन और बायोमेट्रिक एंट्री के कारण राशन दुकानों में होने वाली घटतौली, चोरी और बिचौलियों की मनमानी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

  • मजदूरों और कामकाजी महिलाओं को फायदा: समय की कोई पाबंदी न होने से दिनभर मजदूरी करने वाले लोग, प्रवासी मजदूर और कामकाजी महिलाएं काम के बाद किसी भी समय (रात में भी) अपना राशन ले सकती हैं।

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे खाद्य सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक स्मार्ट और ऐतिहासिक कदम बताया।

रखरखाव और तकनीकी चुनौतियों पर नजर

यद्यपि यह योजना काफी लोकप्रिय हो रही है, लेकिन कुछ विश्लेषकों और स्थानीय लोगों ने इसके नियमित रखरखाव (Maintenance), मशीनी खराबी, नेटवर्क/इंटरनेट कनेक्टिविटी और मशीन के साथ संभावित छेड़छाड़ जैसी व्यावहारिक चुनौतियों पर ध्यान देने का सुझाव दिया है। प्रशासन का कहना है कि मशीनों की निगरानी के लिए विशेष तकनीकी टीम तैनात की गई है।

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