Bandar Movie Review: बॉबी देओल का जलवा

इस फिल्म की असल जान बॉबी देओल हैं। 'आश्रम' के बाद उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे एक गंभीर अभिनेता के तौर पर...See more

Jun 06, 2026 - 13:52
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Bandar Movie Review: बॉबी देओल का जलवा
Bandar Movie Review: बॉबी देओल का जलवा

बंदर (Bandar) मूवी रिव्यू: बॉबी देओल की करियर की सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस, लेकिन अनुराग कश्यप की यह फिल्म सबके बस की नहीं.

कहानी

फिल्म की कहानी समर मेहरा (बॉबी देओल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक समय का मशहूर टीवी स्टार रह चुका है, लेकिन अब करियर ढलने के कगार पर है। एक डेटिंग ऐप के जरिए मिली उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड गायत्री (सपना पब्बी) उस पर रेप का गंभीर आरोप लगा देती है। इस झूठे आरोप के बाद समर की जिंदगी उल्ट-पुल्ट हो जाती है। पुलिस की क्रूर पूछताछ, मीडिया ट्रायल और अंततः जेल की नारकीय जिंदगी उसे एक "बंदर" बनाकर रख देती है, जहां वह बस दूसरों के इशारों पर नाचने पर मजबूर हो जाता है। 

परफॉरमेंस: बॉबी देओल का जलवा

इस फिल्म की असल जान बॉबी देओल हैं। 'आश्रम' के बाद उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे एक गंभीर अभिनेता के तौर पर कितने खतरनाक हो सकते हैं।

बॉबी देओल: उन्होंने एक टूटे हुए, बेबस और डरे हुए इंसान का किरदार बखूबी निभाया है। उनकी आंखों में छलछलाता दर्द और जेल में उनकी बॉडी लैंग्वेज दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देगी।

सपना पब्बी: विलेन के रूप में उनका किरदार बेहद जटिल और डराने वाला है। उनकी एंट्री और क्लोज-अप शॉट्स फिल्म का माहौल बदल देते हैं।

सहयोगी कलाकार: सान्या मल्होत्रा (बहन के रूप में) और जितेंद्र जोशी (भ्रष्ट पुलिस अफसर) ने भी अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाया है।

क्या खास है

समय की नब्ज: फिल्म सोशल मीडिया पर होने वाले 'मीडिया ट्रायल' और कानूनी व्यवस्था की खामियों पर बेहद बेबाकी से सवाल उठाती है।

रियलिज्म: अनुराग कश्यप का निर्देशन इतना असली लगता है कि जेल के सीन देखकर आप घबरा उठेंगे। सेट डिजाइन और सिनेमैटोग्राफी फिल्म को एक दस्तावेजी फिल्म जैसा अहसास देते हैं।

संदेश: यह फिल्म सफेद और काले के बीच की ग्रे लकीर को दिखाती है, जहां कोई भी पूरी तरह सही या गलत नहीं है। 

कमियां

धीमी रफ्तार: फिल्म का दूसरा हिस्सा थोड़ा धीमा पड़ जाता है और कुछ सीन दोहरावपूर्ण लगते हैं।
कमजोर दिल वालों के लिए नहीं: जेल के कुछ सीन और फिल्म का माहौल इतना डिस्टर्बिंग है कि यह हर दर्शक के बस की नहीं है।

अधूरे किरदार: कहानी में कुछ सहयोगी किरदारों को और गहराई से दिखाया जा सकता था। 

निष्कर्ष

बंदर' एक ऐसी फिल्म है जो आपको मनोरंजन के बजाय सोचने पर मजबूर करती है। अगर आप अनुराग कश्यप के फैन हैं या गंभीर, रियलिस्टिक और सिस्टम पर आधारित थ्रिलर पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए जरूर देखने योग्य है। बॉबी देओल की शानदार एक्टिंग इसे एक बार जरूर ट्राई करने काफी है। 

देखें या न देखें?

 देखें: अगर आप हटकर और गंभीर सिनेमा पसंद करते हैं।
 न देखें: अगर आप सिर्फ एंटरटेनमेंट और एक्शन ढूंढ रहे हैं।

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