Sports News Update: इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ में रोहित, बुमराह और दुबे पर रहेंगी निगाहें
Sports News Update: साउथ अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेज़बानी में होने वाले 2027 वनडे विश्व कप में अभी 15 महीने से ज़्यादा समय बाक़ी है, लेकिन इस सप्ताह इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से भारत की तैयारियां गंभीर रूप से शुरू हो रही हैं। भारत की लंबी तैयारी के लिहाज़ से यहां कुछ अहम मुद्दों पर नज़र डालते हैं।
रोहित का सवाल
40 साल की उम्र में अब तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी विश्व कप नहीं खेला है। रोहित शर्मा इस रिकॉर्ड को बदलना चाहते हैं। उनके पास ऐसे प्रदर्शन का इतिहास है, जो साबित करता है कि वह विश्व कप में कप्तान शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत करने के मज़बूत दावेदार हैं। लेकिन 2025 से सिर्फ़ वनडे खिलाड़ी बनने और गिल के कप्तान बनने के बाद भारत की हर द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ से पहले एक सवाल ज़रूर उठता है- क्या रोहित अब भी भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए पर्याप्त योग्य हैं?
लगातार मैच नहीं खेलना और फ़िटनेस से जुड़ी परेशानियां इंग्लैंड दौरे पर इस सवाल को फिर अहम बना रही हैं। IPL 2026 में रोहित ने मुंबई इंडियंस (MI) के 14 में से सिर्फ़ नौ मैच खेले। उन्होंने 35 से ज़्यादा की औसत और 157 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 283 रन बनाए। हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण उन्होंने कुछ मुक़ाबले इंपैक्ट प्लेयर के रूप में खेले और सिर्फ़ कुछ मैचों में ही फ़ील्डिंग की।
IPL के तुरंत बाद अफगानिस्तान के ख़िलाफ़ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में उन्होंने 16, 48 और 79 रन बनाए। प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन क्या वह पूरी तरह भरोसेमंद था? गिल के अनुसार इंग्लैंड सीरीज़, खिलाड़ियों के लिए असली "बड़ी" परीक्षा है और इससे इस सवाल का बेहतर जवाब मिल सकता है।
आंकड़ों की बात करें तो कह सकते हैं कि 2023 विश्व कप के बाद से रोहित भारत के सबसे सफल बल्लेबाज़ों में रहे हैं। दरअसल, इस अवधि में 1000 से ज़्यादा रन बनाने वाले वह इकलौते भारतीय बल्लेबाज़ हैं। वहीं पिछले साल जुलाई में गिल के वनडे कप्तान बनने के बाद कुल रन बनाने के मामले में रोहित सिर्फ़ विराट कोहली से पीछे हैं। वनडे विश्व कप के इतिहास में रोहित सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में चौथे स्थान पर हैं।
जब गिल से पूछा गया कि क्या दो सबसे अनुभवी खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा अब भी भारत की विश्व कप योजनाओं में हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के समर्थन जताया। गिल ने कहा, "विराट भाई और रोहित भाई पिछले एक दशक से भारत की बल्लेबाज़ी की रीढ़ रहे हैं। वे आज भी हमारी टीम का बहुत अहम हिस्सा हैं। उनका अनुभव और कौशल टीम के लिए बेहद क़ीमती है। हमने पिछले दस साल में अलग-अलग परिस्थितियों, अलग-अलग टूर्नामेंट और अलग-अलग मौक़ों पर उन्हें लगातार शानदार प्रदर्शन करते देखा है।"
क़रीब तीन साल बाद वनडे में बुमराह की वापसी

2023 विश्व कप फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद भारत ने 26 वनडे खेले हैं। जसप्रीत बुमराह इनमें से किसी भी मैच में नहीं खेले। इस दौरान चोटों और दो T20 विश्व कप के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें द्विपक्षीय सीरीज़ में चुनिंदा तौर पर ही खिलाया। अब जबकि LA28 ओलंपिक तक T20 प्राथमिकता नहीं है और पूरा ध्यान वनडे पर है, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज़ गेंदबाज़ अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए धीरे-धीरे अपना कार्यभार बढ़ाते नज़र आएंगे।
बुमराह की वापसी से भारत के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण को वह धार मिलेगी, जिसकी जरूरत थी। इस आक्रमण में अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार और प्रिंस यादव भी शामिल हैं। रविवार को पूरा गेंदबाज़ी सत्र करने के बाद सोमवार को बुमराह ने मुख्य मैदान पर हल्का अभ्यास किया, जहां गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मॉर्केल और टीम ट्रेनर एड्रियन ले रू उनकी हर गतिविधि पर नज़र रखे हुए थे।
IPL के बाद यह पहला मौक़ा होगा, जब बुमराह किसी प्रतिस्पर्धी मैच में गेंदबाज़ी करेंगे। गिल को भरोसा है कि टीम के वरिष्ठ तेज़ गेंदबाज़ बढ़ते कार्यभार को अच्छी तरह संभाल लेंगे। उन्होंने कहा, "बूम भाई [बुमराह] कुछ समय बाद टीम में लौटे हैं। उम्मीद है कि इस वनडे सीरीज़ से पहले उन्होंने पर्याप्त ओवर गेंदबाज़ी की होगी।"
एक अच्छे ऑलराउंडर की कमी
2023 विश्व कप के दौरान हार्दिक पंड्या दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से चोटिल होकर बाहर हो गए थे। इसके बाद से भारतीय चयनकर्ताओं ने ऐसे तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडर की तलाश शुरू कर दी थी, जो टीम का संतुलन बेहतर बना सके। क़रीब तीन साल बाद भी हार्दिक इस भूमिका के सबसे मज़बूत विकल्प बने हुए हैं। लेकिन इस समय वह खुद चोटिल हैं। वहीं ऑलराउंडर की भूमिका निभाने के दूसरे दावेदार नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा भी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं।
गिल ने माना कि टीम, रेड्डी और राणा को ज़्यादा से ज़्यादा मौक़े देकर विश्व कप के लिए तैयार करना चाहती थी, लेकिन दोनों का चोटिल होना निराशाजनक है। उन्होंने कहा, "हम चाहते थे कि ऐसे खिलाड़ी विश्व कप से पहले ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलें ताकि अगर उन्हें विश्व कप में मौक़ा मिले तो वे पूरी तरह तैयार हों। इस लिहाज़ से हम थोड़े बदक़िस्मत रहे क्योंकि अब दोनों चोटिल हैं और हमें दूसरा संयोजन आज़माना पड़ेगा। सीरीज़ से पहले हम जिस प्लेइंग XI या 12 खिलाड़ियों के साथ उतरना चाहते थे, अब वैसा नहीं कर सकते। इसलिए कुछ बदलाव करने पड़ रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी टीम पूरी तरह अस्थिर है।
"हम चाहते थे कि कुछ खिलाड़ियों को इंग्लैंड जैसी बड़ी सीरीज़ या फिर इस साल के आख़िर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ होने वाली सीरीज़ में ज़्यादा अनुभव मिले। अगर खिलाड़ियों को ऐसी बड़ी सीरीज़ और दबाव वाले मुक़ाबलों में ज़्यादा मौक़े मिलेंगे, तो आगे चलकर उनके अच्छे प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी।"

दुबे का क्या?
सोमवार को शिवम दुबे ने मुख्य मैदान पर गेंदबाज़ी की। विकेट के पीछे खड़े मॉर्केल, उन्हें तय लेंथ पर गेंद डालने का अभ्यास करा रहे थे। क़रीब दो घंटे बाद रोहित ने भी दुबे से लंबी बातचीत की और उन्हें कुछ ख़ास बातों पर ध्यान देने की सलाह दी। 2019 में वनडे डेब्यू करने के बाद दुबे अब तक सिर्फ़ चार वनडे ही खेल पाए हैं।
रफ़्तार के मामले में 33 साल के दुबे, हर्षित राणा से पीछे हैं और शायद रेड्डी से भी, जिन्होंने IPL 2026 से पहले अपनी गति बढ़ाने के लिए ख़ास मेहनत की थी। दुबे अच्छी शॉर्ट गेंद डाल सकते हैं, लेकिन क्या वह लगातार दबाव बनाए रख सकते हैं? बल्लेबाज़ी की बात करें तो वह निश्चित रूप से राणा से बेहतर और रेड्डी के बराबर माने जा सकते हैं। लेकिन अगर हार्दिक, रेड्डी और राणा तीनों फ़िट हों, तो क्या दुबे की ज़रूरत रहेगी? इंग्लैंड के ख़िलाफ़ यह सीरीज़ उन्हें अपने आपको साबित करने का एक और मौक़ा देगी।
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