S Janaki Passes Away: 'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' दिग्गज गायिका एस जानकी का 88 वर्ष की उम्र में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। 'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' के नाम से मशहूर और चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S. Janaki) का 88 वर्ष की आयु में मैसूरु में निधन हो गया है। उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है।

Jul 12, 2026 - 11:25
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S Janaki Passes Away: 'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' दिग्गज गायिका एस जानकी का 88 वर्ष की उम्र में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

मैसूरु/चेन्नई: भारतीय संगीत जगत, विशेष रूप से दक्षिण भारतीय सिनेमा के लिए आज का दिन एक अपूरणीय क्षति का दिन है। अपनी सुरीली और मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज से पिछले कई दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S. Janaki) का निधन हो गया है। वह 88 वर्ष की थीं और उन्होंने मैसूरु में अंतिम सांस ली। उनके परिवार के सदस्यों ने इस बेहद दुखद समाचार की आधिकारिक पुष्टि की है।

उन्हें आदर और प्यार से 'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' (Nightingale of South India) कहा जाता था। उनके निधन की खबर आते ही पूरे देश के संगीत प्रेमियों, फिल्म जगत और राजनेताओं में शोक की लहर दौड़ गई है।

पांच दशकों का सफर और 48,000 से अधिक गाने

23 अप्रैल 1938 को जन्मीं सिस्टला जानकी (एस. जानकी) ने अपने शानदार करियर में तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी सहित 17 से अधिक भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने संगीतकार इलैयाराजा, एम.एस. विश्वनाथन और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गजों के साथ काम किया और संगीत के इतिहास में कई अमर गाने दिए। उनकी आवाज की रेंज इतनी अद्भुत थी कि वह एक नवजात बच्चे से लेकर एक बुजुर्ग महिला तक की आवाज में पूरी प्रामाणिकता के साथ गा सकती थीं।

राष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजी गईं

संगीत में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें कई बड़े सम्मानों से सम्मानित किया गया:

  • चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards): उन्हें विभिन्न भाषाओं में बेहतरीन गायकी के लिए चार बार देश के सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया।

  • राज्य पुरस्कार: उन्हें केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सरकारों द्वारा दर्जनों बार राज्य फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

  • पद्म भूषण से इनकार: साल 2013 में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 'पद्म भूषण' पुरस्कार को यह कहते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि यह सम्मान उन्हें बहुत देर से दिया जा रहा है और वह दक्षिण भारतीय कलाकारों के प्रति होने वाले इस तरह के व्यवहार से आहत थीं।

संगीत जगत में गहरा शोक

एस. जानकी ने साल 2016 में अपने छह दशक लंबे गायन करियर से संन्यास (Retirement) ले लिया था और उसके बाद से वह मैसूरु में अपने परिवार के साथ शांत जीवन व्यतीत कर रही थीं। उनके निधन पर दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के कई बड़े सितारों, गायकों (जैसे के.एस. चित्रा, एस.पी. चरण) और संगीतकारों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'एक सुनहरे युग का अंत' बताया है। भले ही आज वह हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी रूहानी आवाज आने वाली कई पीढ़ियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी।

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