विमल इलायची विज्ञापन विवाद में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र FDA का नोटिस; ₹10 लाख के जुर्माने की चेतावनी, 15 दिनों में मांगा जवाब
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 'विमल इलायची' (Vimal Elaichi) के विज्ञापन में नजर आने वाले बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक संस्था का आरोप है कि यह विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड का अप्रत्यक्ष यानी 'सरोगेट प्रमोशन' (Surrogate Advertising) करता है।जानिए इस मामले से जुड़ी पूरी रिपोर्ट।
मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Maharashtra FDA) ने गुटखा और तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार (सरोगेट विज्ञापन) पर कड़ा प्रहार करते हुए बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), अजय देवगन (Ajay Devgn) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नियामक संस्था ने 'विमल इलायची' के टीवी और डिजिटल विज्ञापनों को भ्रामक और प्रतिबंधित विमल पान मसाला का सरोगेट प्रचार करार दिया है। खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत अभिनेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा दी गई है।
₹10 लाख का जुर्माना और कानूनी धाराओं की चेतावनी
महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं:
"हम विज्ञापनों का गहन परीक्षण कर रहे थे। किसी भी प्रकार के भ्रामक और सरोगेट विज्ञापनों पर कानूनन सख्त पाबंदी है। यदि अभिनेताओं की ओर से दिया गया जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो प्रथम चरण में ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी नियमों की अवहेलना पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित उत्पादों की धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — तुकाराम मुंढे, आयुक्त, महाराष्ट्र एफडीए
एफडीए नोटिस के मुख्य आधार और निर्देश
ग्रेटर मुंबई एफडीए द्वारा जारी विस्तृत नोटिस में अभिनेताओं से कई बिंदुओं पर जवाब और दस्तावेज मांगे गए हैं:
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प्रतिबंधित पान मसाला से जुड़ाव: नोटिस के अनुसार, विमल ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला उत्पाद से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण, भंडारण और बिक्री महाराष्ट्र में पूरी तरह प्रतिबंधित है। इलायची के नाम पर किए जा रहे विज्ञापन से उपभोक्ताओं में भ्रम फैलता है।
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सोशल मीडिया से विज्ञापन हटाने के निर्देश: अभिनेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे तुरंत इस विज्ञापन से खुद को अलग करें और अपने आधिकारिक डिजिटल व सोशल मीडिया हैंडल्स से इससे जुड़ा सारा प्रचार कंटेंट हटाएं।
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अनुबंध और ड्यू-डिलिजेंस का ब्यौरा: एफडीए ने अभिनेताओं से विज्ञापन के आधिकारिक अनुबंध (Contracts), ली गई फीस, विज्ञापन एजेंसी की जानकारी और उत्पाद के संबंध में की गई जांच-पड़ताल (Due Diligence) के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के प्रावधान
नियामक ने नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 24 और 53 को लागू किया है, जो खाद्य उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाती हैं और विज्ञापन में भागीदार बनने वाले व्यक्तियों या ब्रांड एंबेसडर्स पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाने का अधिकार देती हैं।
इस कार्रवाई के बाद तंबाकू और पान मसाला से जुड़े ब्रांड्स का सरोगेट प्रचार करने वाले अन्य सेलिब्रिटीज पर भी कानूनी शिकंजा कसने की संभावना बढ़ गई है।
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