Exercise Freedom Edge: अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया मिलकर करेंगे 'फ्रीडम एज' सैन्य अभ्यास; हिंद-प्रशांत में बढ़ेगी त्रिपक्षीय ताकत

पूर्वी एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों और उत्तर कोरिया के परमाणु व बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से निपटने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने अपने महत्वाकांक्षी त्रिपक्षीय बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास 'फ्रीडम एज' (Freedom Edge) के नए चरण के आयोजन की रूपरेखा तैयार की है। यह व्यापक युद्धाभ्यास कैंप डेविड शिखर सम्मेलन (2023) में हुए त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते के तहत आयोजित किया जाता है। जानिए 'फ्रीडम एज' सैन्य अभ्यास के रणनीतिक महत्व, भाग लेने वाले प्रमुख रक्षा साजो-सामान और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर इसके प्रभाव से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Aug 26, 2026 - 12:32
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Exercise Freedom Edge: अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया मिलकर करेंगे 'फ्रीडम एज' सैन्य अभ्यास; हिंद-प्रशांत में बढ़ेगी त्रिपक्षीय ताकत

सोल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सैन्य कटौती का आदेश दे दक्षिण कोरिया के साथ जारी अभ्यास पर विराम लगा दिया था। इसी बीच त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास की खबर सामने आई है। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ इस साल की त्रिपक्षीय सैन्य कवायद ‘फ्रीडम एज’ आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी प्रशांत कमान (पीएकॉम) ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पीएकॉम की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर क्लो मॉर्गन ने कहा कि अमेरिकी कमान जापान के सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज और दक्षिण कोरियाई सशस्त्र बलों के साथ करीबी समन्वय में 2026 के फ्रीडम एज अभ्यास की तैयारी कर रही है।

उन्होंने इसे एक प्रमुख बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच साझा मूल्यों और सैन्य अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करना तथा रक्षा साझेदारी को और गहरा करना है, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

हालांकि, अमेरिकी कमान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस साल का अभ्यास पिछले आयोजनों की तरह ही बड़े पैमाने पर होगा या नहीं। फ्रीडम एज का आयोजन इससे पहले जून और नवंबर 2024 तथा सितंबर 2025 में किया जा चुका है। पिछले अभ्यास दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप जेजू के आसपास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुए थे।

इस अभ्यास को लेकर खास दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास उल्ची फ्रीडम शील्ड (यूएफएस) का आकार और अवधि कम कर दी है। यह अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक होना था, लेकिन इसे लगभग आधा कर दिया गया और कुछ फील्ड ट्रेनिंग गतिविधियों में भी कटौती की गई।

ट्रंप ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करने की मांग करते हुए कहा था कि ऐसे अभ्यास उत्तर कोरिया को “शत्रुतापूर्ण” संदेश दे सकते हैं। यह रुख ऐसे समय आया है जब उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है।

इसके बावजूद फ्रीडम एज की तैयारी यह संकेत देती है कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान की त्रिपक्षीय सुरक्षा साझेदारी जारी है। यह अभ्यास अगस्त 2023 में कैंप डेविड शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों देशों के नेताओं द्वारा सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में किए गए फैसलों का एक प्रमुख परिणाम माना जाता है।

उत्तर कोरिया इन सैन्य अभ्यासों का लगातार विरोध करता रहा है। प्योंगयांग अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को संभावित आक्रमण की तैयारी बताता है, जबकि तीनों देश इन्हें रक्षात्मक और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने वाला अभ्यास बताते हैं। पिछले साल उत्तर कोरिया ने फ्रीडम एज को आक्रामक युद्धाभ्यास करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

फ्रीडम एज का इस साल आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका एक ओर उत्तर कोरिया के साथ संवाद की संभावना तलाश रहा है और दूसरी ओर दक्षिण कोरिया तथा जापान के साथ अपनी सुरक्षा साझेदारी को मजबूत बनाए रखना चाहता है।

इनपुट : आईएएनएस

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