बारावफात के मौके पर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, लखनऊ से वाराणसी तक पुलिस अलर्ट
लखनऊ। बारावफात यानी ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर उत्तर प्रदेश में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। लखनऊ में बुधवार को ऐतिहासिक 'जुलूस-ए-मदहे सहाबा' निकाला जाएगा, वहीं वाराणसी में भी पारंपरिक जुलूस को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
लखनऊ में इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने जुलूस को लेकर खास अपील की है। उन्होंने कहा, "आज रबी-उल-अव्वल के अवसर पर, हमारे शहर लखनऊ का ऐतिहासिक 'जुलूस-ए-मदहे सहाबा' जल्द ही अमीनाबाद के अमीर-उद-दौला पार्क से निकलेगा। इस सिलसिले में, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें सभी मुसलमानों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में और शांतिपूर्ण तरीके से इस जुलूस में शामिल हों। सभी नियमों, कानूनों और गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें। जुलूस में ऐसे कोई नारे न लगाएं जिनसे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों।"
वहीं, लखनऊ पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कमलेश दीक्षित ने कहा, "आप देख सकते हैं कि मंगलवार रात से ही जलसा चल रहा था। जलसा देर रात तक जारी रहा, जिसके दौरान हमारे पुलिसकर्मी तैनात रहे और यह सुनिश्चित किया कि यह सफलतापूर्वक संपन्न हो। इसके बाद, 'जुलूस-ए-मोहम्मदी' पर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग बाहर निकल रहे हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हमारी टीमें लगातार सक्रिय हैं, जिनमें सिविल पुलिस और पीएसी के जवान शामिल हैं।"
उधर, वाराणसी में भी बारावफात को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। वाराणसी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और संवेदनशील व भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। यह जुलूस रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक जाएगा। पुलिस रास्तों और ट्रैफिक पर नजर रख रही है। साथ ही, अधिकारी शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जनता से सहयोग की अपील कर रहे हैं।
वाराणसी के इमाम सऊद आलम मुख्तारी ने इस दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मैं कहूंगा कि माशाअल्लाह, बारावफात या ईद मिलाद-उन-नबी हम मुसलमानों के लिए बहुत अहम मौका है। इसे 'ईद-ए-ईद' (ईद की भी ईद) कहा जा सकता है। उन्होंने इंसानियत और शांति का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को सिखाया कि इंसान के तौर पर कैसे जिएं, अपने पड़ोसियों का ख्याल कैसे रखें और शांति कैसे बनाए रखें।"
वाराणसी के एसीपी गौरव कुमार ने ट्रैफिक और सुरक्षा प्लान के बारे में बताया, "यह बारावफात का पारंपरिक जुलूस है, जो रेवड़ी तालाब से शुरू होकर बेनिया की ओर जाता है, जहां स्वागत समारोह होता है। हमने इसके लिए इंतजाम किए हैं। बिना इजाजत वाले वाहनों को रोकने के लिए हर चौराहे पर बैरिकेड लगाए गए हैं। सिर्फ उन्हीं वाहनों को गुजरने दिया जाएगा जिनकी इजाजत है।"
इनपुट : आईएएनएस
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