India New Zealand Defence Dialogue: भारत-न्यूजीलैंड रक्षा सहयोग को मिली नई गति; वेलिंगटन में दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता, समुद्री सुरक्षा और संयुक्त सैन्य अभ्यास पर बनी सहमति
भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए वेलिंगटन में 'दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता' (2nd Defence Strategic Dialogue) का सफल आयोजन किया है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और न्यूजीलैंड रक्षा मंत्रालय के उप सचिव रिचर्ड श्मिट की सह-अध्यक्षता में हुई इस वार्ता में हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और सूचना साझाकरण पर विशेष जोर दिया गया। जानिए वेलिंगटन में हुई इस रक्षा वार्ता के प्रमुख निर्णयों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट।
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड द्वारा वेलिंगटन में दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता शुरू की गई है। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह रक्षा रणनीतिक वार्ता हो रही है। दोनों पक्षों ने इस बातचीत के दौरान रोडमैप 2030 के निर्धारित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में हुई इस दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद व न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप सचिव रिचर्ड श्मिट ने की। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, दोनों पक्षों ने रोडमैप 2030 के निर्धारित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।
गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता को महत्वपूर्ण मानते हैं। ऐसे में रणनीतिक वार्ता में समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा से जुड़े सहयोग को मजबूत करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इस वार्ता में संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान से सैन्य क्षमताओं में इजाफा होगा।
वहीं, संचालन संबंधी समझ और आपसी समन्वय को मजबूत करने की दिशा में भी सहयोग बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा संबंधों को दीर्घकालिक दिशा देने के लिए रोडमैप 2030 एक महत्वपूर्ण आधार है। दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता में इसी रोडमैप के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता से दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इनपुट : आईएएनएस
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