दिलीप कुमार की 5वीं पुण्यतिथि पर सायरा बानो का भावुक पोस्ट
अभिनय सम्राट दिलीप कुमार की 5वीं पुण्यतिथि पर सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक और काव्यात्मक नोट साझा किया है। सायरा बानो ने लिखा कि प्यार का ऐसा गहरा अहसास समय के आगे नहीं झुकता। साहब (दिलीप कुमार) भले ही उनकी नजरों से दूर हो गए हैं, लेकिन उनके जीवन से कभी दूर नहीं हो सकते।
मुंबई: हिंदी सिनेमा के सबसे चमकीले सितारे और 'ट्रैजेडी किंग' स्वर्गीय दिलीप कुमार (Dilip Kumar) की 5वीं पुण्यतिथि पर उनकी जीवनसंगिनी और दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानो (Saira Banu) ने अपनी आत्मा की गहराइयों से निकला एक खत सोशल मीडिया पर साझा किया है। 7 जुलाई 2021 को दुनिया को अलविदा कह गए 'साहब' को याद करते हुए सायरा ने लिखा कि समय भले ही बीत जाता है, लेकिन यादें वफादार साथी की तरह हमेशा दिल में बनी रहती हैं।
सायरा बानो ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक बेहद भावुक कर देने वाला नोट पोस्ट किया, जिसकी हर एक लाइन उनके और दिलीप साहब के अटूट प्रेम की गवाही दे रही है।
"यादें समय की तरह बेवफा नहीं होतीं"
सायरा बानो ने जिंदगी, प्यार और यादों के फलसफे को शब्दों में पिरोते हुए लिखा:
"जिंदगी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह कभी वास्तव में खत्म नहीं होती। यह यादों में हमेशा बनी रहती है। और यादें, समय के विपरीत, बेहद वफादार साथी होती हैं। वे बिना बुलाए लौट आती हैं—अपने साथ हर एक मुस्कान, हर एक नजर और हर एक शब्द को इस तरह लेकर आती हैं मानो कुछ भी कभी खोया ही न हो। किसी को इस तरह याद रखना शायद इस बात का सबसे शुद्ध प्रमाण है कि उन्हें कभी भुलाया नहीं गया।"
सायरा बानो ने आगे लिखा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं क्योंकि साहब ने इस दुनिया से विदा लेने से पहले उन्हें एक अनमोल तोहफा दिया था। उन्होंने कहा, "मेरा अक्सर यह मानना है कि साहब ने इस सांसारिक दुनिया से विदा लेने से पहले मुझे एक ऐसा खजाना बख्शा है जिसकी कोई थाह नहीं है: यादों का एक ऐसा समृद्ध खजाना, जिसके सहारे मैं अपने जीवन के बाकी दिन गुजारूंगी।"
"वह पूरी दुनिया के लिए स्टार थे, मेरे लिए लाइफ एंकर थे"
7 जुलाई 2021 के उस काले दिन को याद करते हुए सायरा बानो भावुक हो गईं। उन्होंने लिखा कि उस दिन दिलीप कुमार न केवल उनसे दूर हुए, बल्कि पूरी दुनिया ने अपने चहेते कलाकार को खो दिया। उनके परिवार, दोस्तों, प्रशंसकों और सिनेमा जगत में एक ऐसा खालीपन आ गया जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अपने रिश्ते को बयां करते हुए लिखा, "मेरे लिए वह उस शख्स से कहीं बढ़कर थे जिसका पूरी दुनिया जश्न मनाती थी। वह मेरे जीवन के सबसे मजबूत स्तंभ (Anchor) थे, वह शांत ताकत थे जिसके सहारे मैं टिकी रही। हमारा जीवन केवल एक साथ बिताया गया जीवन नहीं था, बल्कि एक मुकम्मल जीवन था। उनके भीतर जिम्मेदारी निभाने की इतनी शालीनता थी कि उन्होंने मुझे केवल उनका हमसफर बनने का दुर्लभ विशेषाधिकार दिया।"
"मेरी नजरों से दूर हुए हैं, जिंदगी से नहीं"
दिलीप कुमार को एक महान कलाकार के साथ-साथ एक महान दानवीर, वफादार दोस्त और बेहद दयालु इंसान बताते हुए सायरा ने अपने खत का अंत इन शब्दों के साथ किया:
"साहब को मेरी नजरों से दूर हुए पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन वह मेरी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। इस तरह के गहरे प्यार के आगे समय भी घुटने टेक देता है और इतनी शालीनता से भरा साथ कभी अलगाव (Absence) के आगे आत्मसमर्पण नहीं करता। मेरी यादें जहां भी भटकती हैं, वह वहीं निवास करते हैं, और मेरी यादें हर एक दिन सिर्फ उन्हीं के पास जाती हैं।"
सायरा बानो ने कहा कि अगर इस जीवन में वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं, तो सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें दिलीप कुमार से प्यार करने और उनका प्यार पाने का असीम सम्मान मिला। उन्होंने लिखा कि इस आशीर्वाद के लिए उनकी आत्मा तब तक आभारी रहेगी जब तक कि वे दोबारा नहीं मिल जाते।
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