पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को कोर्ट से राहत, मेरठ में 35 साल से रह रही इसलिए मिली जमानत

Aug 07, 2026 - 09:05
0 2
पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को कोर्ट से राहत, मेरठ में 35 साल से रह रही इसलिए मिली जमानत
  • पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को मिली जमानत
  • मेरठ में 35 साल से रह रही कोर्ट ने इसलिए दी राहत

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पिछले 35 साल से रह रही पाकिस्तानी नागरिक सबामसूद को फिलहाल कोर्ट ने जमानत दे दी है। गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबा मसूद की जमानत याचिका मंजूर कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 35 साल से भारत में रह रहीं पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को फर्जी दस्तावेज और वोटर आईडी से जुड़े मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। 

सबा मेरठ के जलीकोठी में रह रही थी। मेरठ की ही रुखसाना ने सबा मसूद के खिलाफ देहलीगेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया था। कोर्ट ने लंबे समय से वैध निवास, आपराधिक इतिहास न होने को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि याची ने भारत में रहने के लिए धोखाधड़ी, जालसाजी या फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। सबा मसूद को मेरठ के दिल्ली गेट थाना पुलिस ने 16 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।

सबा पर लगे थे ये आरोप-

शिकायतकर्ता रुखसाना खान ने आरोप लगाया था कि सबा मसूद पाकिस्तान की नागरिक हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से रह रही हैं। शिकायत में उनके परिवार पर संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।

याची अधिवक्ता ने दलील दी कि विवाह से पूर्व शबा हनीफ नाम से पहचान रखने वाली सबा मसूद ने 1986 में भारतीय नागरिक फरहत मसूद से लाहौर में निकाह किया था। इसके बाद वह वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और भारतीय अधिकारियों की ओर से जारी दीर्घकालिक वीजा पर भारत आईं और तभी से यहीं रह रही हैं।

अदालत को यह भी बताया गया कि उनके पास मार्च 2027 तक वैध रेजिडेंशियल परमिट और वर्ष 2037 तक का वैध वीजा है। साथ ही उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए वर्ष 2010 और 2011 में विधिवत आवेदन भी किया था, जो अभी विचाराधीन है। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड, लंबे समय से वैध निवास, आपराधिक इतिहास न होने तथा अभियोजन पक्ष की ओर से ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी।

पूरा मामला ये था : 14 फरवरी को मेरठ के देहली गेट थाने में कोठी अतानस निवासी रुखसाना ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा था कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद ने पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया से निकाह किया था। इसके लगभग एक साल बाद वह पति फरहत के साथ दीर्घकालीन वीजा पर भारत आ गई। दंपती के तीन संतान हुईं। इनमें दो बेटे भारत में हुए। वर्ष 1993 में नाजिया पाकिस्तान गई थी। वहां उसने 25 मई 1993 को बेटी एमन को जन्म दिया। इसके बाद वह पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एमन को लेकर भारत आ गई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User