UGC-NET के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर दोबारा कराएगा NTA; प्रश्नपत्रों में भारी गलतियों के बाद 9-10 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी-नेट (UGC-NET) जून परीक्षा के तहत आयोजित अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र (Sociology) के पेपर रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया है। आंतरिक समीक्षा में इन प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक गलतियां, स्पेलिंग की त्रुटियां और पुराने प्रश्नपत्रों के सवालों का दोहराव पाया गया था। प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर को निशुल्क आयोजित की जाएगी, जबकि शेष 84 विषयों की परिणाम प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रहेगी। जानिए दोबारा परीक्षा का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण विवरण।
नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) जून सत्र के अंतर्गत तीन प्रमुख विषयों—अंग्रेजी (English), कॉमर्स (Commerce) और समाजशास्त्र (Sociology) की परीक्षा को दोबारा (Re-Exam) आयोजित करने का बड़ा निर्णय लिया है।
एजेंसी द्वारा की गई एक उच्चस्तरीय समीक्षा में पाया गया कि इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में गंभीर तथ्यात्मक गलतियां, टाइपिंग की त्रुटियां, अस्पष्ट शीर्षक और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से सीधे प्रश्नों का अनुचित दोहराव हुआ था।
ड्रॉप करने से हल नहीं हो सकी समस्या
एनटीए के अनुसार, 22 से 30 जून के बीच कुल 87 विषयों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी:
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गलतियों का व्यापक दायरा: प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की संख्या इतनी अधिक थी कि केवल विवादित प्रश्नों को 'ड्रॉप' (हटाकर) मूल्यांकन करना संभव नहीं था।
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पारदर्शिता और निष्पक्षता: अभ्यर्थियों के भविष्य और परीक्षा की साख को बनाए रखने के लिए एजेंसी ने प्रभावित तीन विषयों की पूरी परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला किया।
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84 विषयों के नतीजे अप्रभावित: शेष 84 विषयों की परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह वैध है और उनके परिणाम तय समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेंगे।
दोबारा परीक्षा (Re-Exam) का विस्तृत शेड्यूल
प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा का आयोजन निम्नलिखित समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा:
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9 सितंबर (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे): अंग्रेजी (English)
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9 सितंबर (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे): कॉमर्स (Commerce)
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10 सितंबर (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे): समाजशास्त्र (Sociology)
प्रभावित पंजीकृत उम्मीदवारों से इस पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और शिक्षाविदों में भारी नाराजगी देखी जा रही है:
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छात्रों की मानसिक परेशानी: लगातार परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजित किए जाने से अभ्यर्थियों के समय और मानसिक स्थिति पर विपरीत असर पड़ रहा है।
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जवाबदेही तय करने की मांग: अभ्यर्थियों और शिक्षक संघों ने प्रश्नपत्र सेट करने वाली विषय विशेषज्ञ समितियों की जवाबदेही तय करने और राष्ट्रीय परीक्षण प्रणाली में बुनियादी सुधार की मांग दोहराई है।
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