Meerut Jagannath Rath Yatra accident case: जगन्नाथ रथ हाईटेंशन लाइन से टकराने पर अबतक एक श्रद्धालु की मौत, 11 झुलसे; प्रशासन जांच में जुटा
- शुक्रवार को परीक्षितगढ़ कस्बे में जगन्नाथ रथ हाईटेंशन लाइन से टकराया, हादसे में एक श्रद्धालु की मौत, 11 झुलसे.
- मामले की जांच में जुटा प्रशासन
Meerut News Update: यूपी के मेरठ में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान रथ हाईटेंशन लाइन से छू गया। करंट लगने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई, 11 लोग झुलस गए। जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार को परीक्षितगढ़ कस्बे में हुआ। बारिश के बीच यह रथयात्रा निकाली जा रही थी। इसमें करीब 2000 श्रद्धालु शामिल थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करंट उतरते ही रथ पर सवार कई लोग नीचे गिर पड़े। मौके पर चीख-पुकार मच गई। भगदड़ जैसे हालात बन गए। श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मेरठ डीएम वीके सिंह ने कहा हादसे में करीब 11 लोग करंट की चपेट में आए। सभी घायलों को तत्काल सीएचसी और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकांश की हालत सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं। एक महिला को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गुरुवार शाम को हुआ था कथा का समापन:
परीक्षितगढ़ कस्बे के ओम पब्लिक स्कूल में जगन्नाथ भगवान की शोभायात्रा और कथा का कार्यक्रम था। पांच दिन पहले नगर में भगवान जगन्नाथ की धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई थी। इसके बाद महाराज रोहित रिसालिया वृंदावन द्वारा कथा का आयोजन किया जा रहा था। गुरुवार शाम कथा का समापन हो गया। शुक्रवार दोपहर को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा बैंड बाजों के साथ नगर में निकाली गई। यात्रा शुरू होते ही यह हादसा हो गया।
बिना पूजा अर्चना शुरू कर दी रथ यात्रा:
बताया गया कि रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजमान हो चुके थे। पूजा अर्चना की तैयारी चल रही थी, ताकि विधिवत रथयात्रा शुरू हो सके। इसी दौरान कुछ लोग बारिश शुरू होते ही रथ की रस्सी को खींचकर ले जाने लगे। कुछ श्रद्धालुओं ने इसका विरोध किया, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। वह रजवाहे की पटरी की तरफ रथ को लेकर जाने लगे। यहां रथ की चोटी ऊपर से गुजर रही 11000 की हाई टेंशन लाइन में छू गई और करंट उतर आया।
एक युवक की मौत, 11 श्रद्धालु झुलसे
जानकारी के अनुसार हादसे में परीक्षितगढ़ का रहे वाला सचिन (30) गंभीर रूप से झुलस गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, झुलसे 11 श्रद्धालुओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सचिन मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता था। उसके पिता नंदकिशोर भी मजदूरी करते हैं। परिवार में मां, छोटा भाई विशाल और दो बहनें प्राची व विशाखा हैं। सचिन की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया।
कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। झुलसे लोगों में प्रियांशु, विवेक, मनीष निवासी औरंगाबाद, शिवम, यश, पीहू निवासी परीक्षितगढ़, निमेष निवासी अहमदपुरी, महाराज भरतदास लखीमपुर खीरी, राजेश मिश्रा समेत 11 हैं।
अब चश्मदीदों ने क्या कहा, जानिए-
- घायल भरत दास ने कहा- रथ यात्रा निकाली जा रही थी। श्रद्धालु पीछे से रथ को धक्का लगा रहे थे। इसी दौरान रथ का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। तार के संपर्क में आते ही पूरे रथ में करंट फैल गया, जिससे रथ को धक्का दे रहे और आसपास मौजूद कई लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
- चश्मदीद विक्की त्यागी ने कहा- पिछले छह दिनों से धार्मिक कथा चल रही थी। समापन के अवसर पर रथ यात्रा निकाली जानी थी। रथ यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचने की तैयारी कर रहे थे। तभी रथ में करंट फैल गया। जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। बिजली आपूर्ति समय पर बंद होने से बड़ा हादसा टल गया।
- घायल चेतन सैनी ने कहा- रथ की ऊंचाई अधिक होने के कारण ये हादसा हुआ। मैं रथ के पास साइड में खड़ा था। करंट लगते ही वहां मौजूद कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद गांव के लोगों ने हाथ-पैर मलकर होश में लाया और फिर अस्पताल पहुंचाया।
14 फीट की हाइट को लेकर पुलिस ने जताई थी आपत्ति-
हादसे की सूचना मिलते ही एसपी देहात अभिजीत कुमार मौके पर पहुंचे। उनके साथ कई थानों की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई।
पुलिस के मुताबिक, इस बार कथा के मुख्य यजमान समाजसेवी अतुल शर्मा थे। गांव में पिछले सात साल से यह कथा हो रही है। रथ हाईटेंशन लाइन के संपर्क में कैसे आया और सुरक्षा मानकों को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
मोर्चरी पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने बताया कि हर साल कथा के आयोजक और आयोजन स्थल बदल जाते हैं। इस बार आयोजन की जिम्मेदारी अतुल शर्मा के पास थी। जिस वक्त यह रथ तैयार किया गया था, उसकी हाइट लगभग 14 फीट थी। पुलिस ने इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन आयोजकों ने बात नहीं मानी।
थाने के सामने शव रखकर मुआवजे और नौकरी की मांग: सचिन की मौत के बाद शुक्रवार रात परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शव गांव पहुंचने पर लोगों ने उसे थाने के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के छोटे भाई को सरकारी नौकरी और परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। परिजनों ने कहा कि जब तक प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुटे रहे।
मेरठ डीएम बोले- जांच कर कार्रवाई करेंगे:
डीएम मेरठ वीके सिंह ने कहा हादसे में करीब 11 लोग करंट की चपेट में आए। सभी घायलों को तत्काल सीएचसी और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकांश की हालत सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं।
एक महिला को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
घर पर शव पहुंचा तो मच गया कोहराम:
रात करीब 9 बजे सचिन का शव पोस्टमार्टम के बाद परीक्षितगढ़ स्थित घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों व ग्रामीणों ने शव को थाने के सामने रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। उन्होंने 10 लाख रुपये मुआवजा और सचिन के छोटे भाई को नौकरी की मांग की। सूचना पाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
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