IAS Tukaram Mundhe Standing Ovation: आईएएस तुकाराम मुंढे को महाराष्ट्र कार्यक्रम में मिला स्टैंडिंग ओवेशन; परेश रावल ने सीएम फडणवीस से की खास अपील
महाराष्ट्र के चर्चित और कड़क छवि वाले 2005 बैच के आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे का एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रेड कारपेट स्वागत किया गया और उपस्थित भीड़ ने उन्हें खड़े होकर 'स्टैंडिंग ओवेशन' दिया। एफडीए (FDA) कमिश्नर के रूप में मिलावटी दूध और खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए गए उनके सख्त अभियानों की लोगों ने जमकर सराहना की। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अभिनेता परेश रावल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उन्हें पद पर बनाए रखने की अपील की है।
मुंबई: अपनी ईमानदारी, सख्त प्रशासनिक रवैये और जनहितैषी फैसलों के लिए मशहूर 2005 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे (IAS Tukaram Mundhe) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महाराष्ट्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जब उन्होंने मंच पर प्रवेश किया, तो वहां मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका रेड-कारपेट स्वागत (Red-Carpet Entrance) किया और उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन (Standing Ovation) दिया।
हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने के बाद तुकाराम मुंढे की लोकप्रियता का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिलावटी दूध और खाद्य सुरक्षा पर की थी बड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA Maharashtra) के प्रमुख के रूप में अपने हालिया कार्यकाल के दौरान तुकाराम मुंढे ने राज्य भर में मिलावटी भोजन, नकली दूध और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी अभियान चलाया था:
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सख्त कार्रवाई और छापेमारी: उन्होंने नकली दूध बनाने वाली डेयरियों और असुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने वाले बड़े-बड़े सिंडिकेट्स पर सीधा प्रहार किया था, जिसकी जनता ने खूब तारीफ की।
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जनता का भरोसा: लोगों का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ऐसे जनहित के कदम उठाए जाने से आम जनता का व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है।
अभिनेता परेश रावल ने की मुख्यमंत्री से अपील
तुकाराम मुंढे के सम्मान का वीडियो सामने आने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और पूर्व सांसद परेश रावल (Paresh Rawal) ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।
परेश रावल ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तुकाराम मुंढे को उनके पद पर बनाए रखने और उन्हें प्रशासनिक स्वतंत्रता देने का आग्रह किया, ताकि वे जनहित में अपने काम को निर्बाध रूप से जारी रख सकें।
20 साल का करियर और लगभग 25 ट्रांसफर
लगभग 20 वर्षों के अपने प्रशासनिक सेवा (IAS) करियर में तुकाराम मुंढे का करीब 25 बार स्थानांतरण (Transfers) हो चुका है। राजनीतिक दबाव के आगे न झुकने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के कारण उन्हें अक्सर बार-बार तबादलों का सामना करना पड़ा है।
हालांकि, बार-बार होने वाले तबादलों के बावजूद आम जनता के बीच उनकी साख और लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। नागरिक और उनके समर्थक इस घटनाक्रम को ईमानदार और समर्पित अधिकारियों की समाज में आवश्यकता के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।
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