Cockroach Janta Party पर टिप्पणी कर घिरे उद्धव ठाकरे; बीजेपी ने साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का एक साक्षात्कार क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह 30 वर्षीय अभिजीत दिपके द्वारा गठित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janta Party) और युवा विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। मई 2026 में बेरोजगारी और नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुए इस व्यंग्यात्मक आंदोलन पर ठाकरे के बयान को लेकर बीजेपी और विरोधियों ने उन्हें आड़े हाथों लिया है।
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) 'मुंबई तक' (Mumbai Tak) के एक परिचर्चा कार्यक्रम के दौरान की गई अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने 30 वर्षीय अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) के नेतृत्व में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janta Party) आंदोलन पर बात की थी।
सोशल मीडिया पर इस साक्षात्कार की क्लिप वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य राजनीतिक आलोचकों ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसना शुरू कर दिया है।
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी'? (What Is Cockroach Janta Party?)
'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत मई 2026 में पुणे के युवा एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने एक व्यंग्यात्मक (Satirical) विरोध के रूप में की थी:
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शुरुआत की वजह: एक अदालती टिप्पणी के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से किए जाने के विरोध में दिपके ने इस सांकेतिक पार्टी का गठन किया था।
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मुद्दे: देखते ही देखते यह आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच गया, जहां युवाओं ने नीट (NEET) पेपर लीक, 21 छात्रों की आत्महत्या, और देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया।
उद्धव ठाकरे के बयान पर क्यों मचा बवाल? (Controversy & Online Backlash)
'मुंबई तक' के मंच पर युवाओं के इस आंदोलन और राजनीतिक विकल्पों पर बात करते हुए उद्धव ठाकरे की ओर से दी गई प्रतिक्रिया को आलोचकों ने 'गंभीरता की कमी' बताया।
बीजेपी समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स और राजनीतिक विश्लेषकों ने ठाकरे की हालिया राजनीतिक असफलताओं—जैसे 2022 में महा विकास अघाड़ी सरकार का गिरना और जनवरी 2026 के बीएमसी (BMC) चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन—का हवाला देते हुए उन पर निशाना साधा। आलोचकों का कहना है कि गंभीर छात्र मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते समय वरिष्ठ नेताओं को अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
छात्र राजनीति में गर्माया माहौल
नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और बेरोजगारी को लेकर महाराष्ट्र सहित पूरे देश में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। एक तरफ जहां विपक्षी दल केंद्र और राज्य सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' जैसे गैर-पारंपरिक छात्र आंदोलनों पर बड़े राजनीतिक दिग्गजों की टिप्पणियां इस मुद्दे को और अधिक तूल दे रही हैं।
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