ऋषभ पंत के लिए टेस्ट की राह भी मुश्किल बना सकते हैं ये दो विकेटकीपर बल्लेबाज; लाल गेंद के क्रिकेट में बढ़ा तगड़ा कॉम्पिटिशन

भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर ऋषभ पंत का दबदबा रहा है, लेकिन अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरते दो युवा विकेटकीपर बल्लेबाज उनके लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। ध्रुव जुरेल और ईशान किशन जैसे शानदार खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। जानिए कैसे ये दो खिलाड़ी टेस्ट टीम में पंत की जगह के लिए मुकाबला कड़ा बना रहे हैं।

Aug 13, 2026 - 12:03
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ऋषभ पंत के लिए टेस्ट की राह भी मुश्किल बना सकते हैं ये दो विकेटकीपर बल्लेबाज; लाल गेंद के क्रिकेट में बढ़ा तगड़ा कॉम्पिटिशन
Rishabh Pant Test Career Challenge: 2 Wicketkeepers Pushing For Spot

नई दिल्ली। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत कभी तीनों फॉर्मेट का अभिन्न हिस्सा थे। उन्हें उपकप्तान बनाया गया था और टीम इंडिया की कप्तानी के लिए वह रेस में सबसे आगे थे, लेकिन मौजूदा समय में परिस्थितियां बदल चुकी हैं। वह मौजूदा समय में वनडे और T20 फॉर्मेट से बाहर चल रहे हैं और फिलहाल सिर्फ टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। अब इस फॉर्मेट में भी उनकी राह अब मुश्किल होती हुई दिख रही है। 

पंत के लिए टेस्ट फॉर्मेट में मुश्किल खड़ी की है, ध्रुव जुरेल और ईशान किशन ने। जुरेल और किशन ने अपने प्रदर्शन की बदौलत पंत के लिए परेशानी खड़ी है। जुरेल ने पंत की गैरमौजूदगी में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। जुरेल ने देश-विदेश में भारतीय पारी को संभाला है और अपनी बल्लेबाजी से भारतीय मध्यक्रम को मजबूती दी है।  

पंत और जुरेल की बल्लेबाजी में अंतर है। पंत आक्रामक हैं और क्रीज पर हमेशा जल्दी में दिखते हैं। उनके इस अंदाज ने टेस्ट क्रिकेट में उन्हें बड़ी सफलता दी है। भारत को उन्होंने मैच भी जितवाए हैं। वहीं, ध्रुव जुरेल क्रीज पर शांत और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिखते हैं और टेस्ट के परंपरागत अंदाज में पारी को बढ़ाते हुए सफलतापूर्वक दिखते हैं। फिलहाल, टेस्ट में पंत के लिए सबसे बड़ा खतरा जुरेल ही हैं। 

वहीं, पिछले कुछ समय में भारत के सभी विकेटकीपरों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर ईशान किशन उभरे हैं। ईशान ने घरेलू क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में दमदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय टीम में वापसी की है। T20 विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेल चुके हैं और अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। 

पंत की तरह किशन भी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। किशन में हर फॉर्मेट में मैच की परिस्थित के मुताबिक खेलने की क्षमता है और यही उन्हें खास बनाती है। शीर्ष क्रम के साथ ही मध्यक्रम में भी सहजता के साथ बल्लेबाजी उनकी संभावनाओं को मजबूत करती है। T20 के बाद वनडे टीम में किशन ने वापसी कर ली है। पंत का अगर टेस्ट फॉर्मेट में आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहता है, तो फिर किशन लंबे फॉर्मेट में भी जगह बना सकते हैं। उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव भी उनके साथ है। 

पंत, जुरेल और किशन के टेस्ट रिकॉर्ड पर गौर करें तो पंत ने 50 टेस्ट मैचों की 87 पारियों में 8 शतक और 19 अर्धशतक लगाते हुए 3,557 रन बनाए हैं। उनका औसत 43.37 रहा है। जुरेल ने 10 टेस्ट की 16 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक की मदद से 4,78 रन बनाए हैं। उनका औसत 34.14 है। किशन ने 2 टेस्ट की 3 पारियों में 1 अर्धशतक लगाते हुए 78 रन बनाए हैं। 


इनपुट : आईएएनएस

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