Truecaller vs TRAI : ट्रूकॉलर ने बताई 140-1600 नंबर सीरीज़ की पूरी कहानी
- Truecaller CEO रिशित झुनझुनवाला ने TRAI के 140-1600 सीरीज़ स्पैम नियम पर सवाल उठाए, कहा कि इससे रोज़ाना 5.1 करोड़ कॉल्स अनआंसर्ड रह जाती हैं.
- पिछले 8 महीनों में यूज़र्स ने 7.4 करोड़ कॉल्स मैन्युअली ब्लॉक कीं, जिसके बाद ट्रूकॉलर ने नया 'फ्रीक्वेंटली ब्लॉक्ड' बैज लॉन्च किया.
Truecaller vs TRAI : टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) ने Truecaller जैसे कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप्स को निर्देश दिया है कि वे 140-सीरीज़ के टेलीमार्केटिंग नंबरों और 1600-सीरीज़ के बैंकिंग नंबरों पर 'स्पैम' लेबल दिखाना बंद करें। TRAI के अनुसार, ये नंबर सीरीज़ आधिकारिक तौर पर सही बिज़नेस और बैंकिंग बातचीत के लिए तय की गई हैं, और यूज़र की रिपोर्ट के आधार पर कई असली कॉल्स को गलत तरीके से 'स्पैम' के तौर पर मार्क किया जा रहा था।
इस निर्देश का मकसद यह पक्का करना है कि बैंकिंग से जुड़े ज़रूरी अलर्ट, OTP और बिज़नेस से जुड़ी अन्य ज़रूरी बातचीत को ग्राहक गलत 'स्पैम' लेबल की वजह से नज़रअंदाज़ या ब्लॉक न करें। उम्मीद है कि इस कदम से आधिकारिक बातचीत की विश्वसनीयता बेहतर होगी और साथ ही अनचाही कॉल्स से सुरक्षा भी बनी रहेगी।
स्पैम कॉल्स और कॉलर आईडी ऐप्स को लेकर विवाद !
भारत में स्पैम कॉल्स और कॉलर आईडी ऐप्स को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. यह विवाद कॉलर आईडी और स्पैम डिटेक्शन ऐप Truecaller और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI के बीच में हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, TRAI अब कॉलर आईडी ऐप्स को अपने रेगुलरेटरी फ्रेमवर्क के दायरे में लाने की कोशिश कर रहा है और ट्रूकॉलर ने इसपर सख्त ऐतराज़ जताया है. ट्रूकॉलर के CEO रिशित झुनझुनवाला ने इस पर रिएक्ट करते हुए TRAI की काफी आलोचना की है.
TRAI ने दिया आदेश-
दरअसल, पिछले साल TRAI ने कॉलर आइडी प्लेटफॉर्म्स को निर्देष दिया था कि वो 140 और 1600 सीरीज़ के नंबर्स से आने वाली कॉल्स को स्पैम के तौर पर मार्क करना बंद करें. ये दोनों स्पेशल नंबर प्रीफिक्स खुद TRAI ने बनाए हैं, जो अधिकृत कमर्शियल और बैंकिंग कम्युनिकेशन के लिए रिज़र्व हैं.
आपको बता दें कि 140 सीरीज़ यानी 140 से शुरू होने वाले फोन नंबर्स की सीरीज टेलीमार्केटिंग कॉल्स के लिए है, जबकि 1600 सीरीज़ बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों की सर्विस कॉल्स के लिए इस्तेमाल होती है. TRAI का कहना है कि स्पैम लेबल लगे होने के कारण लोग बैंकों और बिजनेस की असली कॉल्स को भी इग्नोर कर रहे थे.
ट्रूकॉलर ने दिया जवाब-
Truecaller ने TRAI के इस निर्देष का पालन तो किया लेकिन अब कंपनी का कहना है कि इससे स्पैम डिटेक्शन कमज़ोर हो गया है और स्कैमर्स को इन नंबर रेंज का फायदा उठाने का मौका मिल गया है.

झुनझुनवाला ने अपने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि यूज़र रिपोर्ट्स के मुताबिक 140 और 1600 नंबर सीरीज़ से आने वाली स्पैम कॉल्स काफी तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन हमें इन कॉल्स पर स्पैम लेबल लगाने की इजाज़त नहीं है. इसका नतीजा ये हुआ कि लोगों ने इन नंबर्स से आने वाली कॉल्स को उठाना ही बंद कर दिया, जिससे रोज़ाना दोनों सीरीज़ की 5.1 करोड़ से ज़्यादा कॉल्स अनआंसर्ड यानी 5.1 करोड़ से भी ज्यादा कॉल्स का लोग जवाब नहीं देते हैं.
Truecaller के CEO के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में ट्रूकॉलर यूज़र्स ने 140 सीरीज़ की 81 फीसदी और 1600 सीरीज़ की 79 फीसदी कॉल्स को इग्नोर किया है. अक्टूबर 2025 के बाद से 1600 सीरीज़ की कॉल्स ब्लॉक करने में 208 फीसदी का उछाल आया है और इसी दौरान यूज़र्स ने दोनों सीरीज की कुल 7.4 करोड़ कॉल्स को मैन्युअली ब्लॉक किया है. अब औसतन हर दिन 140 सीरीज़ की 4 लाख और 1600 सीरीज़ की 1.25 लाख कॉल्स ब्लॉक की जा रही हैं.
फ्रीक्वेंटली ब्लॉक्ड' बैज लॉन्च-
इसी ट्रेंड को देखते हुए ट्रूकॉलर ने अपने यूज़र्स के लिए एक नए फीचर को लॉन्च किया है, जिसका नाम 'फ्रीक्वेंटली ब्लॉक्ड' बैज है, ताकि यूज़र्स स्पैम और असली बिज़नेस कॉल्स में फर्क समझ सकें. झुनझुनवाला ने बताया कि अगर 1600 सीरीज के किसी नंबर्स को बहुत सारे लोगों ने ब्लॉक किया होगा, तो इसकी जानकारी लोगों को कॉल रिसीव करने से पहले दिखेगी ताकि वो समझ पाएं कि ये संभावित स्पैम कॉल हो सकती है.
हालांकि, Truecaller उस कॉल में डायरेक्ट स्पैम लेबल नहीं लगाएगा, क्योंकि सरकार ने खुद ऐसा करने से मना किया है. ऐसे में अब Truecaller को डर है कि फ्रीक्वेंटली ब्लॉक्ड' बैज फीचर लॉन्च करने के बाद कहीं TRAI उन्हें 1600 और 140 सीरीज के नंबर्स पर किसी भी तरह की जानकारी दिखाने से पूरी तरह रोक लगा सकता है.
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