BWF World Championships: त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का शानदार प्रदर्शन जारी; 7वीं वरीय जापानी जोड़ी को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, पदक से एक जीत दूर
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप (BWF World Championships) में भारतीय महिला युगल जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सनसनीखेज प्रदर्शन लगातार जारी है। प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) के रोमांचक मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने बड़ा उलटफेर करते हुए जापान की 7वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। जानिए भारतीय जोड़ी की इस शानदार जीत और आगामी मुकाबले की पूरी रिपोर्ट।
नई दिल्ली। भारत की स्टार महिला बैडमिंटन जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने गुरुवार को BWF World Championships में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए महिला डबल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
दुनिया में 39वें नंबर की भारतीय जोड़ी ने एक बार फिर अपनी रैंकिंग और सीडिंग से कहीं बेहतर खेल दिखाया और टूर्नामेंट की ऊंची रैंकिंग वाली जोड़ी को सीधे गेम में हरा दिया। अब सेमीफाइनल में जगह बनाने पर त्रिशा और गायत्री का वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का हो जाएगा।
इस जीत में त्रिशा के आक्रामक खेल की अहम भूमिका रही। भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार कोर्ट के पिछले हिस्से से अपनी ताकत का इस्तेमाल करके अटैक के मौके बनाए। इसके साथ ही नेट पर भी उन्होंने कई शानदार शॉट खेले और जापानी जोड़ी को वापसी करने का मौका नहीं दिया।
त्रिशा के अटैक के दौरान गायत्री का खेल थोड़ा शांत रहा, लेकिन उन्होंने तालमेल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। कोर्ट पर त्रिशा के मूवमेंट और रोटेशन ने बार-बार इवानागा और नाकानिशी को मुश्किल स्थिति में डाला। हालांकि, इस मुकाबले में कुछ तनावपूर्ण पल भी देखने को मिले। त्रिशा और गायत्री खेल के दौरान कुछ घटनाओं से साफतौर पर परेशान दिखीं, क्योंकि जापानी जोड़ी के व्यवहार को लेकर उनकी चिंताओं पर उन्हें मनचाहा जवाब नहीं मिला।
इसके बाद, शटल के साथ अपने व्यवहार के लिए चेयर अंपायर से चेतावनी मिलने के बाद त्रिशा को येलो कार्ड दिखाया गया। इस घटना से कुछ समय के लिए बैडमिंटन मैच पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया था, लेकिन त्रिशा ने अपनी निराशा को बेहतरीन खेल में तब्दील किया। उन्होंने हर आक्रामक रैली में जबरदस्त तेजी दिखाई और सफल स्मैश के बाद जोरदार जश्न मनाया।
स्टेडियम का माहौल जापानी जोड़ी के लिए और भी मुश्किल हो गया, क्योंकि भारतीय समर्थकों ने मुकाबले को पूरी तरह से घरेलू मैच जैसा बना दिया था। एक समय तो त्रिशा मैच रेफरी से बहस करती रहीं, जब तक कि कोच पुलेला गोपीचंद ने कोर्ट के बाहर से उन्हें अपने कोने में वापस आने के लिए नहीं कहा।
त्रिशा और गायत्री के लिए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना उनकी वापसी की राह में एक और अहम पड़ाव है। त्रिशा को लगी चोट के कारण यह जोड़ी लगभग तीन महीने तक खेल से दूर रही, जिससे उन्हें वापसी के बाद अपनी लय फिर से हासिल करने की चुनौती का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में पहुंचने से अब त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी एक जीत दूर है, जिससे उनका BWF World Championships में मेडल पक्का हो जाएगा।
इनपुट : आईएएनएस
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