Sonam Wangchuk On Vande Bharat & Exam Bill: "अच्छे काम की तारीफ जरूरी" - सोनम वांगचुक ने वंदे भारत एक्सप्रेस और पेपर लीक विरोधी कानून को सराहा; आलोचकों को दिया करारा जवाब

लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने वंदे भारत ट्रेन में अपने आरामदायक सफर का वीडियो शेयर करते हुए देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और संसद में पास हुए पेपर लीक रोधी कानून (लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026) की तारीफ की है। सरकार की तारीफ करने पर जब कुछ लोगों ने उन्हें 'प्रो-गवर्नमेंट' बताकर निशाना बनाया, तो वांगचुक ने दोटूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो गलत है उसकी आलोचना होनी चाहिए, लेकिन संस्थाओं और देश के अच्छे कामों (जैसे इसरो या इंफ्रास्ट्रक्चर) की सराहना भी जरूरी है।

Aug 01, 2026 - 10:02
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Sonam Wangchuk On Vande Bharat & Exam Bill: "अच्छे काम की तारीफ जरूरी" - सोनम वांगचुक ने वंदे भारत एक्सप्रेस और पेपर लीक विरोधी कानून को सराहा; आलोचकों को दिया करारा जवाब

लेह / नई दिल्ली: लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई आंदोलन नहीं, बल्कि वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) में उनके द्वारा किया गया एक सफर और संसद से पास हुए लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 की तारीफ है।

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए भारत के आधुनिक ट्रेन इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की और संसद द्वारा पेपर लीक करने वालों के खिलाफ 10 साल की सजा का कड़ा प्रावधान लाने वाले विधेयक को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

"सफर बेहद सुगम, शिक्षा क्षेत्र में भी ऐसे ही सुधारों की उम्मीद"

अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने वंदे भारत ट्रेन की गति, स्वच्छता और सुविधाओं की तारीफ करते हुए कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तेजी से हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा:

"जिस तरह भारतीय रेलवे में क्रांति आई है, उसी तरह संसद में लाया गया नया पेपर लीक विरोधी कानून (Exam Reform Bill) हमारे देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करते हैं, उनके खिलाफ 10 साल की जेल का प्रावधान स्वागत योग्य है। उम्मीद है कि आने वाले समय में हमारी शिक्षा प्रणाली में भी इसी तरह के क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेंगे।"

आलोचकों को दिया करारा जवाब

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद कुछ यूज़र्स ने सोनम वांगचुक पर 'सरकार समर्थक' (Pro-Government) होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस आलोचना का जवाब देते हुए वांगचुक ने स्पष्ट रुख अपनाया।

लद्दाख के हितों और छठी अनुसूची (6th Schedule) की मांग को लेकर भूख हड़ताल और जन-आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके वांगचुक ने कहा कि राजनीति को विकास और संस्थागत सफलताओं से अलग करके देखा जाना चाहिए।

  • "सही को सही, गलत को गलत कहें": उन्होंने कहा, "जब सरकार कोई नीतिगत गलती करती है या लद्दाख जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अनदेखी करती है, तो हम पूरी ताकत से आवाज उठाते हैं। लेकिन जब ISRO की सफलता हो या वंदे भारत जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं और युवाओं के हक में बने कड़े कानून, तो उनकी खुलकर तारीफ भी की जानी चाहिए।"

  • उन्होंने कहा कि एक परिपक्व नागरिक और समाज के रूप में हमें देश की प्रगति और अच्छे संस्थागत कार्यों का सम्मान करना चाहिए।

अपने गांव वापस लौट रहे हैं वांगचुक

लद्दाख में शिक्षा सुधार (SECMOL) की नींव रखने वाले और मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक ने बताया कि वह दिल्ली और अन्य क्षेत्रों का दौरा पूरा करने के बाद अब वापस अपने गांव लौट रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि देश की प्रगति केवल आलोचना से नहीं, बल्कि सही को सही और गलत को गलत कहने की तटस्थ सोच से ही संभव है।

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