जंतर-मंतर पर अभद्र नारेबाजी मामले में पीएम मोदी का बड़ा दिल; बोले- 'बच्चों को सजा नहीं, सही रास्ता दिखाएंगे'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी (NEET-UG 2026) प्रदर्शन के दौरान अपने और अपनी दिवंगत माताजी के खिलाफ हुई अभद्र नारेबाजी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वह नारेबाजी करने वाले छात्रों को माफ करते हैं और समाज से उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंसाने के बजाय सही राह दिखाने की अपील की।
नई दिल्ली: हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी (NEET-UG 2026) परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ हुई कथित अभद्र नारेबाजी को लेकर पीएम मोदी ने बड़ा बयान जारी किया है।
अपने सोशल मीडिया हैंडल (X और इंस्टाग्राम) पर एक वीडियो संदेश शेयर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह उन बच्चों को दिल से माफ करते हैं और देशवासियों से अपील करते हैं कि उन्हें सजा देने या प्रताड़ित करने के बजाय सही मार्गदर्शन दें।
"भटके हुए बच्चे हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य"
पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में भावुक अपील करते हुए कहा:
"जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, देश और दुनिया ने देखा। कुछ भटके हुए बच्चों ने ऐसी भाषा का प्रयोग किया जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देती। मुझे और मेरी दिवंगत मां को गालियां दी गईं। समाज में गुस्सा होना स्वाभाविक है, लेकिन ये हमारे अपने बच्चे हैं। बच्चों को सजा देने, पुलिस-अदालत के चक्कर लगवाने या समाज में उन्हें प्रताड़ित करने से स्थिति नहीं बदलेगी। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं और समाज से भी यही अपील करता हूं।"
प्रधानमंत्री ने जीभ और दांतों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कभी हमारी अपनी जीभ दांतों के बीच आकर कट जाती है, तो हम अपने दांत नहीं तोड़ते, क्योंकि दोनों हमारे ही हैं। ठीक उसी तरह देश के युवा भी हमारे अपने ही हैं।
कानूनी कार्रवाई के बीच आया संदेश (FIR Background)
पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब दिल्ली और नोएडा पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर एक 25 वर्षीय युवती और अन्य के खिलाफ शांति भंग करने और मानहानि (भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 353 और 356) के तहत जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर जांच शुरू की थी।
प्रधानमंत्री के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि संबंधित युवाओं के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों को वापस लिया जा सकता है।
परीक्षा प्रणाली और कड़े कानून पर भी की बात
इसी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने संसद से पारित लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा ढांचा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक कराने वाले माफिया और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन मासूम और भटके हुए छात्रों को देश के विकास में साथ लेकर चलना ही भारत की प्राथमिकता है।
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