प्रीति जिंटा ने डीपफेक और AI कंटेंट के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने अपनी पहचान का कथित दुरुपयोग करने वाले डीपफेक वीडियो, AI-जनरेटेड तस्वीरों और चैटबॉट आधारित कंटेंट के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अदालत से ऐसे फर्जी कंटेंट को हटाने और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने अपने नाम और छवि का कथित तौर पर दुरुपयोग करने वाले डीपफेक (Deepfake) और AI-जनरेटेड कंटेंट के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। दायर याचिका में उन्होंने फर्जी वीडियो, मॉर्फ्ड तस्वीरों और AI आधारित चैटबॉट इंटरैक्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्रीति जिंटा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनकी पहचान का इस्तेमाल करते हुए AI की मदद से कई फर्जी वीडियो, एडिट की गई तस्वीरें और चैटबॉट जैसी इंटरैक्टिव सामग्री बनाई जा रही है। उनका कहना है कि इससे उनकी छवि प्रभावित हो रही है और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
डीपफेक तकनीक पर उठाए सवाल
याचिका में अभिनेत्री ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनकी अनुमति के बिना तैयार किए गए AI-जनरेटेड कंटेंट और डीपफेक सामग्री को हटाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही भविष्य में इस तरह की सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए भी उचित कदम उठाने की मांग की गई है।
बढ़ रही है AI के दुरुपयोग की चिंता
हाल के वर्षों में डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके जरिए किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो को AI की मदद से इस तरह बदला जा सकता है कि वह वास्तविक प्रतीत हो। विशेषज्ञ लगातार इस तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता जता रहे हैं।
कोर्ट के फैसले पर रहेगी नजर
अब इस मामले में सभी की निगाहें बॉम्बे हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यह मामला AI और डीपफेक कंटेंट से जुड़े कानूनी ढांचे के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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