PM Modi Tribute To S Janaki: 'संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति', दिग्गज गायिका एस जानकी के निधन पर पीएम मोदी और सीएम विजयन ने जताया गहरा शोक
'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S. Janaki) के निधन पर देश भर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (CM Pinarayi Vijayan) ने दिवंगत गायिका को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया है।
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: 'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' के नाम से विख्यात दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S. Janaki) के 88 वर्ष की उम्र में मैसूरु में हुए निधन से पूरा देश स्तब्ध है। पांच दशकों से अधिक समय तक अपनी मधुर आवाज से भारतीय संगीत को समृद्ध करने वाली इस महान विभूति के जाने पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (CM Pinarayi Vijayan) ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए दिवंगत गायिका को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि (Heartfelt Tribute) अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, कहा- "आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस. जानकी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके विशाल संगीत सफर और सांस्कृतिक योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा:
"दिग्गज गायिका एस. जानकी जी का निधन संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति (Irreparable Loss) है। पांच दशकों से अधिक के उनके शानदार करियर में, उन्होंने विभिन्न भाषाओं में अनगिनत मधुर गीतों को अपनी आवाज दी, जिन्होंने करोड़ों दिलों को छुआ। बहुमुखी प्रतिभा की धनी जानकी जी को संगीत के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण के लिए आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।"
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया "एक युग का अंत"
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी संगीत की इस महान विदुषी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मलयालम सिनेमा और संगीत में एस. जानकी के योगदान को याद करते हुए सीएम विजयन ने अपने संदेश में कहा:
"एस. जानकी जी के निधन के साथ ही भारतीय पार्श्व गायन के एक सुनहरे और गौरवशाली युग का अंत हो गया है। उनकी आवाज में एक ऐसी रूहानी शुद्धता और रेंज थी जो एक नवजात से लेकर बुजुर्ग तक के हर भाव को जीवंत कर सकती थी। केरल के लोगों और मलयालम संगीत के साथ उनका रिश्ता बेहद अटूट और गहरा था। उन्होंने हमारे संगीत प्रेमियों को ऐसे कालजयी गीत दिए हैं जो हमेशा गूंजते रहेंगे। उनका जाना एक ऐसा शून्य छोड़ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।"
एस. जानकी ने अपने करियर में 48,000 से अधिक गाने गाए थे और चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया था। उनके निधन पर न केवल राजनीतिक दिग्गजों बल्कि फिल्म जगत के तमाम बड़े सितारों और गायकों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी आंखें नम की हैं।
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