Saffron Hockey Jersey Controversy: 'आज हॉकी, कल सेना की वर्दी भी बदल देंगे' - भारतीय हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर भड़का विपक्ष, सरकार पर निशाना
आगामी एफआईएच (FIH) हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी को बदलकर भगवा (Saffron) रंग किए जाने पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने संसद परिसर में केंद्र सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर सार्वजनिक संस्थानों के "भगवाकरण" (Saffronisation) का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं ने आशंका जताई कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो कल भारतीय सेना की वर्दी का रंग भी बदला जा सकता है।
नई दिल्ली: आगामी एफआईएच (FIH) हॉकी विश्व कप से पहले हॉकी इंडिया (Hockey India) द्वारा भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के लिए नीली किट की जगह नई भगवा (Saffron) जर्सी का अनावरण किए जाने पर देश में एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है ।
संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर राष्ट्रीय प्रतीकों और खेल संस्थाओं के "भगवाकरण" का सीधा आरोप लगाया।
"आज हॉकी जर्सी बदली है, कल सेना की वर्दी बदल देंगे" (Opposition Reaction)
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए:
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प्रियंका गांधी वाड्रा का तंज: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस संस्थानों, शिक्षा नीतियों और इतिहास को बदलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देश के युवा उनकी असली मंशा समझ चुके हैं।
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अमर सिंह (कांग्रेस सांसद): कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा— "आज उन्होंने हॉकी के साथ ऐसा किया है, कल वे भारतीय सेना (Indian Army) की वर्दी का रंग भी बदल सकते हैं। कोई इन पर कैसे विश्वास कर सकता है? वे हर जगह भगवा थोपना चाहते हैं।"
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तारिक अनवर (कांग्रेस): कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने इस कदम को बीजेपी की "संकीर्ण विचारधारा" का प्रतीक करार दिया।
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कीर्ति आजाद (TMC): टीएमसी नेता और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने कहा कि खेल में सफलता कपड़ों के रंग से नहीं, बल्कि मैदान पर प्रदर्शन से आती है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जब नीले रंग (Blue) की एक ऐतिहासिक पहचान रही है, तो उस पर धार्मिक रंग क्यों थोपा जा रहा है ।
पूर्व दिग्गजों ने भी जताई आपत्ति (Viren Rasquinha's Remark)
केवल राजनीतिज्ञ ही नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा (Viren Rasquinha) ने भी जर्सी के रंग में बदलाव पर निराशा जताई । उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यद्यपि हॉकी इंडिया ने खेल के विकास के लिए बहुत काम किया है, लेकिन भारतीय खेल टीमों की विरासत और पहचान हमेशा "नीला रंग" (Bleed Blue) रही है, जिसे बदला नहीं जाना चाहिए था ।
हॉकी इंडिया ने दी सफाई (Hockey India's Clarification)
विवाद बढ़ता देख हॉकी इंडिया ने अपने फैसले का बचाव किया है। महासंघ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जर्सी का रंग बदलने का निर्णय तकनीकी कारणों और खिलाड़ियों व कोचों के फीडबैक के आधार पर लिया गया है
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विजिबिलिटी (Visibility) की समस्या: अंतरराष्ट्रीय मैचों में इस्तेमाल होने वाली नीली सिंथेटिक टर्फ (Blue Turf) पर नीली जर्सी पहनने से खिलाड़ियों की विजिबिलिटी प्रभावित हो रही थी ।
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राष्ट्रीय ध्वज का प्रतीक: महासंघ ने स्पष्ट किया कि भगवा रंग राष्ट्रीय ध्वज के तिरंगे, साहस और बलिदान का प्रतीक है। इस नई किट में नीले रंग के एक्सेंट, अशोक चक्र और देवनागरी में 'भारत' लिखा हुआ है ।
यह नई जर्सी नीदरलैंड्स और बेल्जियम में 15 से 30 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले FIH हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम की आधिकारिक किट होगी ।
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