National Handloom Day 2026: देश भर में मनाया गया 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस; राष्ट्रपति मुर्मू ने पुरस्कार किए प्रदान, आंध्र प्रदेश में नई योजना लागू

भारत में 7 अगस्त 2026 को 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) गर्व और उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिन 1905 के स्वदेशी आंदोलन और देश के पारंपरिक बुनकरों के योगदान को समर्पित है। नई दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिष्ठित संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश सरकार ने 'नेथन्ना सेवालो' योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत 71,000 से अधिक हथकरघा परिवारों को ₹25,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी।

Aug 07, 2026 - 10:35
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National Handloom Day 2026: देश भर में मनाया गया 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस; राष्ट्रपति मुर्मू ने पुरस्कार किए प्रदान, आंध्र प्रदेश में नई योजना लागू

नई दिल्ली: देश भर में 7 अगस्त 2026 को 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। यह ऐतिहासिक दिन 7 अगस्त 1905 को शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन (Swadeshi Movement) की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने भारतीय हथकरघा उद्योग और घरेलू शिल्पकारों को एक नई पहचान दी थी।

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले बुनकरों और कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

1. राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रदान किए 'संत कबीर और राष्ट्रीय पुरस्कार'

नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने शिरकत की।

  • उत्कृष्टता का सम्मान: राष्ट्रपति ने हथकरघा क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले देश भर के उत्कृष्ट बुनकरों को वर्ष 2025 के 'संत कबीर पुरस्कार' (Sant Kabir Awards) और 'राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार' (National Handloom Awards) से सम्मानित किया।

  • पारंपरिक कला का संरक्षण: इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हथकरघा केवल कपड़ा बनाने की तकनीक नहीं है, बल्कि यह भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर का संवाहक है।

2. आंध्र प्रदेश में 'नेथन्ना सेवालो' योजना की शुरुआत

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के बुनकर समुदाय के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना 'नेथन्ना सेवालो' (Nethanna Sevalo) का औपचारिक शुभारंभ किया।

  • वित्तीय सहायता: इस योजना के तहत राज्य के 71,000 से अधिक हथकरघा बुनकर परिवारों के बैंक खातों में ₹25,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

  • उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य कच्ची सामग्री (Raw Material) खरीदने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने में बुनकरों को सक्षम बनाना है।

3. प्रदर्शनी और वैश्विक बाजार से जुड़ाव

मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद सहित देश के प्रमुख शहरों में विशेष हथकरघा प्रदर्शनियों (Handloom Exhibitions) का आयोजन किया गया।

इन प्रदर्शनियों में तेलंगाना की पोचमपल्ली इकत (Pochampally Ikat), बनारसी रेशम, कांजीवरम और चंदेरी जैसी प्रसिद्ध क्षेत्रीय बुनाई शैलियों का प्रदर्शन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थों (Middlemen) को हटाकर कारीगरों को सीधे खरीदारों से जोड़ना और पर्यावरण-अनुकूल (Sustainable) फैशन को बढ़ावा देना है।

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