कानूनी राहत मिलने के बाद भारत लौटना चाहते हैं ललित मोदी
Sports News Update: मंगलवार को मोदी और BCCI के अन्य पूर्व अधिकारियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए प्रमुख ज़ुर्मानों को रद्द कर दिया गया. साउथ अफ़्रीका में हुए IPL 2009 से जुड़े विदेशी मुद्रा मामले में बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी, इस साल के आख़िर या अगले साल की शुरुआत में भारत आने की योजना बना रहे हैं। इस फ़ैसले को उन्होने 16 साल की लंबी कानूनी लड़ाई की जीत बताई।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में मोदी ने कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) के फ़ैसले ने आख़िरकार इस मामले में उनके रुख़ को सही साबित कर दिया है।
मोदी ने कहा, "मैं इस फ़ैसले से बेहद ख़ुश हूं। आज का दिन मेरे लिए बहुत अच्छा रहा। 16 साल तक मैंने लड़ाई लड़ी और जो कुछ भी मैं मीडिया और सभी लोगों से कहता रहा, आख़िरकार वही सच साबित हुआ।"
तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेरकर्ता (संपत्ति जब्ती) अधिनियम (SAFEMA) के तहत गठित अपीलीय न्यायाधिकरण ने मंगलवार को ललित मोदी और BCCI के अन्य पूर्व अधिकारियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए प्रमुख ज़ुर्मानों को रद्द कर दिया।
न्यायाधिकरण ने माना कि जिन विदेशी भुगतान का मामला था, वे चालू खाते (करंट अकाउंट) के लेनदेन थे, जिनके लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। साथ ही न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि BCCI द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ललित मोदी की नहीं थी।
कई जांचों के बीच 2010 में भारत छोड़कर लंदन में रहने वाले मोदी ने कहा कि अब यह कानूनी अध्याय समाप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा, "अब मैं अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहता हूं और भारत लौटने का इंतज़ार कर रहा हूं। मैं शायद इस साल के आख़िर या अगले साल की शुरुआत में भारत आऊंगा। अक्तूबर में मेरी बेटी के यहां मेरे नाती का जन्म होने वाला है। उम्मीद है कि सब कुछ अच्छा रहेगा और मैं भारत वापस आऊंगा।"
एक अलग पोस्ट में मोदी ने कहा कि विदेश में लंबे समय तक रहने के बावज़ूद भारत हमेशा उनके दिल के क़रीब रहा है।
उन्होंने कहा, "भारत हमेशा मेरी पहचान का हिस्सा रहा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मैं उसका सम्मान करता हूं। मैं फिर से अपने देश लौटने, पुराने दोस्तों से मिलने और हर संभव सकारात्मक तरीके से योगदान देने का इंतजार कर रहा हूं।"
हालांकि 62 वर्षीय मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगे भी स्थायी तौर पर लंदन में ही रहेंगे। उन्होंने कहा, "मेरा घर लंदन में ही है और मैं वहीं रहूंगा, लेकिन भारत के लिए मेरा दिल धड़कना कभी बंद नहीं होगा।"
IPL के सूत्रधार माने जाने वाले मोदी ने कहा कि 2009 के पूरे घटनाक्रम के दौरान उनका एकमात्र उद्देश्य टूर्नामेंट की भलाई थी।
उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ़ IPL को लेकर चिंतित था और किसी भी दूसरी चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा था। मेरे लिए सबसे अहम वही था।"
ED का मामला 2009 के IPL सीज़न को साउथ अफ़्रीका स्थानांतरित किए जाने से जुड़ा था, क्योंकि उस समय आम चुनाव होने के कारण टूर्नामेंट का आयोजन भारत में संभव नहीं था।
एजेंसी ने इस आयोजन से जुड़े विदेशी मुद्रा लेनदेन में FEMA के उल्लंघन का आरोप लगाया था, लेकिन न्यायाधिकरण ने इन आरोपों के मुख्य आधार को खारिज करते हुए मोदी और अन्य अधिकारियों को राहत दे दी।'
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