भारत नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी; जलवायु कार्रवाई और जैव विविधता संरक्षण पर बनेगा साझा रोडमैप

भारत राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स (BRICS) पर्यावरण मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के पर्यावरण मंत्री और नीति निर्माता वैश्विक जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास के साझा लक्ष्यों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करना है। जानिए इस अंतरराष्ट्रीय बैठक से जुड़ी पूरी रिपोर्ट।

Aug 18, 2026 - 11:48
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भारत नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी; जलवायु कार्रवाई और जैव विविधता संरक्षण पर बनेगा साझा रोडमैप
India To Host 12th BRICS Environment Ministers Meeting In New Delhi

नई दिल्ली। भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता करने के तहत मंगलवार को नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें पर्यावरण सहयोग, जलवायु लचीलापन और सतत विकास एजेंडा प्रमुखता से शामिल होंगे। 

इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। इससे पहले ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की पर्यावरण कार्य समूह की बैठक और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर संपर्क समूह की बैठकें होंगी।

ये चर्चाएं भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के व्यापक विषय, "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के अंतर्गत आयोजित की जाएंगी। उम्मीद है कि यह बैठक ब्रिक्स सदस्य देशों को पर्यावरण संबंधी गंभीर चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने, आम सहमति बनाने और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह के अंतर्गत केंद्रित भागीदारी के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना, वनरोपण, वन-अग्नि प्रबंधन और आपदा से निपटने की क्षमता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और अनुकूलन शामिल हैं।

इन प्राथमिकताओं में पर्यावरण संरक्षण को सतत विकास और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलेपन से जोड़ने पर भारत का जोर झलकता है। उम्मीद है कि इन चर्चाओं से ब्रिक्स देशों के बीच नीतियों, प्रौद्योगिकियों, अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत हो रही यह बैठक खास महत्व रखती है। भारत इस मंच का इस्तेमाल विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए करना चाहता है। एजेंडे में जलवायु अनुकूलन, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, संसाधन दक्षता और आपदा प्रतिरोधक क्षमता जैसे विषय शामिल हैं।

मंत्रिस्तरीय विचार-विमर्श से वरिष्ठ अधिकारियों और कार्य समूहों के बीच चल रही चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत की 2026 की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के पर्यावरण एजेंडे को मजबूत करने की उम्मीद है।

इससे पहले सोमवार को, भारत ने बताया था कि ब्रिक्स गठबंधन एक आर्थिक संवाद से आगे बढ़कर पर्यावरण के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों के प्रति अपने दृष्टिकोण को परिभाषित करने के लिए एक तेजी से प्रभावशाली मंच के रूप में विकसित हो गया है, जिसमें बढ़ते प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे शामिल हैं।

भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह-वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने की, जिसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित ब्रिक्स सदस्य देशों ने भाग लिया।

इनपुट : आईएएनएस

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