अगस्त में भारत के निजी क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर बढ़कर 54.6 हो गई: पीएमआई डेटा

Aug 21, 2026 - 12:38
0 1
अगस्त में भारत के निजी क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर बढ़कर 54.6 हो गई: पीएमआई डेटा
India PMI

नई दिल्ली। भारत के निजी क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों ने अगस्त में बेहतर प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को जारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र में सुधार और विनिर्माण क्षेत्र की निरंतर वृद्धि के चलते निजी क्षेत्र की समग्र गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई, जिससे संकेत मिलता है कि घरेलू मांग और व्यावसायिक गतिविधियां अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। 

आंकड़ों के अनुसार, एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जुलाई के 54.3 से बढ़कर अगस्त में 54.6 पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि निजी क्षेत्र का विस्तार लगातार जारी है और आर्थिक गतिविधियां वृद्धि के क्षेत्र में बनी हुई हैं।

इस सुधार में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा। जुलाई में पिछले 53 महीनों की सबसे कमजोर वृद्धि दर्ज करने के बाद अगस्त में सेवा क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों और नए ऑर्डरों में फिर से तेजी देखने को मिली। इससे समग्र आर्थिक गतिविधियों को सहारा मिला।

वहीं विनिर्माण क्षेत्र में भी विस्तार जारी रहा, हालांकि इसकी गति कुछ धीमी पड़ी। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अगस्त में 52.9 दर्ज किया गया। हालांकि यह अभी भी वृद्धि का संकेत देता है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार कुछ नरम रही।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों को अगस्त में नए ऑर्डरों में पहले की तुलना में थोड़ा अधिक बढ़ोतरी मिली। निर्यात ऑर्डरों में भी मजबूत वृद्धि बनी रही। कंपनियों ने अमेरिका, जर्मनी, चीन, सिंगापुर और जापान जैसे प्रमुख बाजारों से मांग मजबूत रहने की जानकारी दी।

हालांकि निर्यात में वृद्धि जारी रही, लेकिन विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में इसकी रफ्तार जुलाई की तुलना में कुछ धीमी रही। इसके बावजूद विदेशी मांग भारतीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई है।

रोजगार के मोर्चे पर अगस्त के आंकड़े काफी सकारात्मक रहे। निजी क्षेत्र में नौकरी सृजन की गति जून 2025 के बाद के संयुक्त रूप से सबसे तेज स्तर पर पहुंच गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा, जहां कंपनियों ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति की।

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि कुल निजी क्षेत्र उत्पादन वृद्धि लगभग स्थिर बनी रही, जिसे सेवा क्षेत्र की बेहतर गतिविधियों से समर्थन मिला।

उन्होंने कहा, "अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि और कमजोर हुई तथा यह पिछले 5 वर्षों की सबसे धीमी सुधार दर रही। हालांकि उत्पादन और नए ऑर्डरों में वृद्धि जारी रही, लेकिन उनकी गति पहले की तुलना में धीमी रही।"

लागत के मोर्चे पर भी राहत के संकेत मिले हैं। अगस्त में इनपुट लागत दबाव और कम हुआ तथा कुल लागत मुद्रास्फीति पिछले सात महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गई। इससे कंपनियों के लिए परिचालन खर्च पर कुछ नियंत्रण मिला है।

हालांकि, कई कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना जारी रखा। परिणामस्वरूप बिक्री कीमतों में वृद्धि की दर अप्रैल के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

आने वाले एक वर्ष के लिए कारोबारी विश्वास भी जुलाई की तुलना में बेहतर हुआ है। कंपनियों को उम्मीद है कि बाजार परिस्थितियां और मजबूत होंगी तथा मांग में सुधार जारी रहेगा। यह सकारात्मक भावना विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में देखने को मिली।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विनिर्माण क्षेत्र में खरीद गतिविधियों में वृद्धि हुई, जो मोटे तौर पर नए ऑर्डरों की बढ़ती मात्रा के अनुरूप रही। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां भविष्य की मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बनाए रखने की तैयारी कर रही हैं।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User