Tukaram Mundhe FDA Raid: बॉम्बे हाईकोर्ट में ही जज की चुनौती के बाद आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की रेड; कैंटीन सील
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर और बेबाक आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर स्थित कैंटीन पर अचानक छापेमारी की। कोर्ट द्वारा भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर उठाए गए सवाल के अगले ही दिन हुई इस कार्रवाई में कैंटीन बिना वैध लाइसेंस के चलती पाई गई और गंदगी के चलते उसे ठीक होने तक बंद करा दिया गया। 21 साल की सेवा में 25 तबादले झेल चुके मुंढे के इस निडर कदम की इंटरनेट पर जमकर तारीफ हो रही है।
मुंबई: अपनी बेबाक कार्यशैली और कड़क छवि के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे (IAS Tukaram Mundhe) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मई 2026 में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर का पदभार संभालने वाले मुंढे ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा उठाई गई चुनौती का जवाब देते हुए कोर्ट परिसर के भीतर स्थित कैंटीन पर ही अचानक छापेमारी (Raid) कर दी।
जज द्वारा कार्रवाई में समानता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करने के ठीक अगले दिन हुई इस रेड में हाईकोर्ट की कैंटीन बिना वैध खाद्य लाइसेंस (Food License) और भारी गंदगी के बीच संचालित होती पाई गई।
जज की टिप्पणी के अगले ही दिन की कार्रवाई
दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट में एफडीए की ओर से चलाए जा रहे अभियानों को लेकर सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि कार्रवाई केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित न रहे, बल्कि क्या एफडीए सरकारी और बड़े संस्थानों की कैंटीनों में भी यही नियम लागू कर सकता है?
इस सवाल को एक चुनौती की तरह लेते हुए कमिश्नर तुकाराम मुंढे की अगुवाई में एफडीए इंस्पेक्टरों की टीम ने अगले ही दिन बॉम्बे उच्च न्यायालय परिसर स्थित कैंटीन में छापा मारा:
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बिना लाइसेंस के संचालन: जांच के दौरान पाया गया कि कोर्ट की कैंटीन बिना वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस के चलाई जा रही थी।
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सफाई में भारी लापरवाही: रसोई घर और भोजन तैयार करने वाले क्षेत्र में स्वच्छता और हाइजीन (Hygiene) के मानकों का घोर उल्लंघन मिला।
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कड़ा एक्शन: एफडीए टीम ने नियमों का पालन न होने और कमियों को ठीक किए जाने तक कैंटीन के संचालन पर रोक लगा दी।
कोर्ट ने की सराहना, विधानसभा कैंटीन पर भी नजर
अदालत ने अपने परिसर की कैंटीन पर हुई इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना की। हाईकोर्ट ने मुंढे द्वारा राज्य भर में चलाए जा रहे 'सुरक्षित भोजन, सुरक्षित औषधि, सुरक्षित महाराष्ट्र' ('Safe Food, Safe Drug, Safe Maharashtra') अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है।
एफडीए ने अब महाराष्ट्र राज्य विधानसभा (State Assembly) की कैंटीन समेत अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की कैंटीनों की भी जांच और समीक्षा शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
अपने 21 साल के सेवाकाल में 25 से अधिक बार तबादला (25 Transfers) झेल चुके 2005 बैच के आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के इस कदम की सोशल मीडिया पर भारी प्रशंसा हो रही है। लोग उनकी निडरता, कर्तव्यनिष्ठा और बिना किसी दबाव के काम करने की शैली को सलाम कर रहे हैं।
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