Lucknow coaching center fire Case: अलीगंज अग्निकांड में आज LDA कोर्ट में पहली सुनवाई
- बिल्डिंग बचाने को कंपाउंडिंग की कवायद; ध्वस्तीकरण पर होगा फैसला.
Lucknow coaching center fire Case: अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद विवादों में आई अवैध इमारत को बचाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। एक ओर भवन स्वामी की ओर से कंपाउंडिंग और नया मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर मंगलवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के विहित प्राधिकारी की अदालत में मामले की पहली सुनवाई होगी। इसी सुनवाई के बाद यह तय होगा कि इमारत पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या भवन स्वामी की ओर से दाखिल आवेदन पर विचार किया जाएगा।
बिल्डिंग बचाने की तैयारी, कंपाउंडिंग का सहारा: सूत्रों के मुताबिक संबंधित भवन 12 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित है। नियमों के तहत इस श्रेणी की सड़क पर कुछ मामलों में उपयोग परिवर्तन (चेंज ऑफ यूज) और कंपाउंडिंग की अनुमति मिल सकती है। इसी आधार पर भवन स्वामी की ओर से वकीलों ने एलडीए में प्रार्थना पत्र देकर नया मानचित्र पास कराने और कंपाउंडिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है।
LDA के जानकारों का कहना है कि यदि निर्माण नियमों के अनुरूप कंपाउंडिंग संभव हुई तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से भवन को कानूनी राहत दिलाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
नोटिस 23 जून को जारी हुआ था: LDA ने 23 जून को भवन को अवैध निर्माण मानते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 27(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। भवन स्वामी के जेल में होने के कारण नोटिस वहीं तामील कराया गया। नोटिस की अवधि सोमवार को पूरी हो चुकी है और अब मामला विहित प्राधिकारी की अदालत में पहुंच गया है।
आज पहली सुनवाई: LDA के नियमों के अनुसार अवैध निर्माण के मामलों में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसके बाद विहित प्राधिकारी की अदालत में सुनवाई होती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया जा सकता है।
मंगलवार को होने वाली पहली सुनवाई में एलडीए अपना पक्ष रखेगा, जबकि भवन स्वामी की ओर से कंपाउंडिंग और मानचित्र स्वीकृति का मुद्दा उठाया जा सकता है। इसके बाद अदालत के आदेश के आधार पर ध्वस्तीकरण की तारीख तय होगी।
भीषण अग्निकांड 22 जून को हुआ था : गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज स्थित इस इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन और एलडीए ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। अब सबकी नजर मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, क्योंकि इसी से तय होगा कि इमारत पर बुलडोजर चलेगा या उसे कानूनी राहत मिलने की कोई संभावना बनेगी।
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