Vir Das CJP Protest: 'पहले चुप्पी साधो, फिर उन्हीं छात्रों को कॉन्सर्ट के टिकट बेचो', जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के बाद भारतीय कलाकारों की 'पाखंडी नीति' पर भड़के वीर दास
दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास (Vir Das) ने भारतीय मनोरंजन उद्योग के बड़े कलाकारों पर तीखा हमला बोला है। वीर दास ने कहा कि जब छात्रों को मदद की सख्त जरूरत होती है तब हमारे देश के आर्टिस्ट चुप्पी साधे रखते हैं, लेकिन बाद में उन्हीं युवाओं को अपने शो और कॉन्सर्ट के महंगे टिकट बेचने पहुंच जाते हैं।
नई दिल्ली/मुंबई: देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाला छात्र आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज (Lathi-Charge) और पानी की बौछारों के बाद देशभर के बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जहां एक तरफ दिलजीत दोसांझ, शबाना आजमी, किरण राव और प्रकाश राज जैसे गिने-चुने कलाकारों ने इस मुद्दे पर बेबाक राय रखी है, वहीं कॉमेडियन और एमी अवॉर्ड विजेता वीर दास (Vir Das) ने बॉलीवुड व भारतीय संगीत जगत के बाकी तमाम बड़े स्टार्स की खामोशी पर करारा हमला बोला है।
"यह खुला पाखंड है..." (Vir Das's Explosive Tweet)
वीर दास ने अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) हैंडल पर एक के बाद एक कई ट्वीट करके मनोरंजन उद्योग के बड़े चेहरों की दोहरी मानसिकता को कटघरे में खड़ा किया। वीर दास ने लिखा:
"यह देखकर बहुत दुख होता है कि जब इस देश का युवा और छात्र वर्ग अपने भविष्य, निष्पक्षता और न्याय के लिए सड़कों पर लाठियां खा रहा होता है, तब हमारे देश के सबसे प्रभावशाली और 'युवा आइकन' कहलाने वाले कलाकार पूरी तरह से खामोश रहते हैं। यह किस तरह की कायरता और पाखंड (Hypocrisy) है? आप संकट के समय उनके साथ खड़े नहीं हो सकते, लेकिन कुछ महीनों बाद अपने स्टेडियम शोज़ और कॉन्सर्ट के महंगे टिकट उन्हीं युवाओं को बेचने के लिए तुरंत सोशल मीडिया पर आ जाएंगे।"
युवाओं के दम पर ही बने हैं देश के 'मेगास्टार्स'
वीर दास ने आगे कहा कि भारतीय कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि उनकी जो आज विशाल फैन फॉलोइंग, व्यूअरशिप और बिकने वाले टिकटों का साम्राज्य है, वह इसी युवा और छात्र आबादी की बदौलत है।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि जब यह युवा अपने बुनियादी अधिकारों, लीक होती परीक्षाओं और पुलिसिया दमन के खिलाफ लड़ रहे हों, तब एक कलाकार की जिम्मेदारी सिर्फ अपनी अगली फिल्म या म्यूजिक टूर को प्रमोट करना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि "यदि आप उनकी आवाज नहीं बन सकते, तो उनके पैसे और प्यार पर हक जताना भी बंद कर दीजिए।"
बॉलीवुड में मची खलबली
वीर दास के इस तीखे बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। उनके इस ट्वीट को कई इंटरनेट यूजर्स और प्रदर्शनकारी छात्रों का भारी समर्थन मिल रहा है। इससे पहले पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने भी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर दुख जताते हुए एक भावुक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान खुद पर लगे 'एंटी-नेशनल' के टैग को भी याद किया था।
19 दिनों से अधिक समय से चल रहे इस अनशन और दिल्ली की सड़कों पर हुए पुलिसिया एक्शन के बाद अब मनोरंजन जगत दो गुटों में बंटता नजर आ रहा है, जहां एक धड़ा पूरी तरह खामोश है तो वहीं दूसरा धड़ा छात्रों के समर्थन में डटकर खड़ा हो गया है।
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