Manpreet Singh On Hockey World Cup: 'यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, पदक का सूखा खत्म करने का इरादा'; पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह का बड़ा बयान
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और स्टार मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने आगामी एफआईएच हॉकी विश्व कप (FIH Hockey World Cup) को लेकर बड़ा बयान दिया है। टोक्यो और पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनप्रीत ने संकेत दिए हैं कि यह उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य टूर्नामेंट में भारत के पांच दशक लंबे पदक के सूखे को खत्म करना और देश के लिए पोडियम फिनिश हासिल करना है।
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि FIH Hockey World Cup 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मनप्रीत ने कहा कि वह विश्व कप को जीतकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
मनप्रीत ने जियोस्टार पर कहा, "यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह मेरा चौथा विश्व कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं, लेकिन विश्व कप पदक अभी भी बाकी है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि दोनों हों। मेरे लिए, यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसे खेल रहा हूं। मैंने वह हासिल करने का पक्का इरादा कर लिया है जो हमने अभी तक नहीं किया है।"
उन्होंने कहा, "टीम के पास आगे बढ़ने के लिए अनुभव और प्रतिभा है। हमने अच्छी तैयारी की है, और भरोसा बहुत है। भारतीय खेल हर जगह आगे बढ़ रहे हैं। हॉकी भी अलग नहीं है। हमने ओलंपिक पदक जीते हैं, और अब वर्ल्ड कप में आगे बढ़ने का समय है।"
मनप्रीत ने कहा, "मुझे इस टीम पर पूरा भरोसा है। हमारी टीम में युवा और अनुभव का अच्छा बैलेंस है। हमारे कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह और मैंने युवा खिलाड़ियों के साथ अपनी सीख साझा की है कि क्या काम किया, क्या नहीं, और हर मैच को पूरे फोकस के साथ कैसे खेलना है। टूर्नामेंट में हर मैच जरूरी है। हमें सही मनोदशा के साथ उतरना होगा, हर विपक्षी का सम्मान करना होगा और जीतने के लिए खेलना होगा। हमारे कोच ने फिटनेस पर जोर दिया है क्योंकि हम जानते हैं कि फिट रहने से हमें श्रेष्ठ के खिलाफ मुकाबला करने में मदद मिलती है। हमने अपने डिफेंस पर भी कड़ी मेहनत की है। एक मजबूत डिफेंस हमें अटैक करने और गेम पर नियंत्रण रखने का आत्मविश्वास देता है।"
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के बारे में मनप्रीत ने कहा कि वह एक बेहतरीन कप्तान हैं। वह आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करते हैं और फील्ड पर सभी का मार्गदर्शन करते हैं। वह मुश्किल समय में खिलाड़ियों को प्रेरित भी करते हैं और दबाव में टीम को शांत रखते हैं। गेम को पढ़ने की उनकी क्षमता बेहतरीन है। उनकी पासिंग रेंज, चाहे लॉन्ग ओवरहेड्स हों या ग्राउंड पास, शानदार है।
उन्होंने कहा, "वह अच्छी तरह संवाद करते हैं और डिफेंस को असरदार तरीके से व्यवस्थित करते हैं। वह दुनिया के बेस्ट ड्रैग-फ्लिकर्स में से एक हैं। उनके हिट्स में जबरदस्त ताकत और विविधता है, और जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो वह हमेशा आगे आते हैं। उनके जैसा कप्तान होने से पूरी टीम को आत्मविश्वास मिलता है।"
मनप्रीत को भरोसा है कि इंडिया फाइनल में पहुंचेगी और ऐतिहासिक सफलता की उम्मीद रखती है।
भारतीय टीम हॉकी विश्व कप 1975 में आखिरी बार पदक जीती थी। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद है कि हॉकी विश्व कप 2026 में पदक का 51 साल का सूखा समाप्त होगा।
इनपुट : आईएएनएस
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