हिंदू धर्म में कोई पाबंदी नहीं, यहां मिला पूरा सम्मान
- दौराला में अनूठी कांवड़ यात्रा, मुस्लिम महिलाओं ने उठाई कांवड़
- मेरठ की सीमा में पहुंचने पर दोनों मुस्लिम महिलाओं का हुआ स्वागत
मेरठ। दिल्ली-दून हाईवे कांवड़ मार्ग पर चल रही पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार को दौराला के पास एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने आपसी सौहार्द और आस्था की अनूठी मिसाल पेश की है। दादरी बॉर्डर के रास्ते मेरठ की सीमा में प्रवेश करने वाली मुस्लिम महिलाओं अनीसा बानो और तमन्ना मलिक का दौराला क्षेत्र में जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में किसी तरह की बंदिश और पाबंदी नहीं है। इस कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें हर कदम पर जो अपनापन और सम्मान मिला है, वह अतुलनीय है।
मेरठ की सीमा में पहुंचने पर सकौती स्थित युवा बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष आदेश चौधरी के कार्यालय पर इन महिला कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान आदेश चौधरी ने अनीसा बानो और तमन्ना मलिक को भगवान राम परिवार और वीर हनुमान की प्रतिमा भेंट की। साथ ही, उनकी यात्रा के दौरान हरसंभव सहयोग और मदद का पूरा आश्वासन दिया।
व्यक्तिगत संघर्ष और मन्नत के साथ उठी कांवड़
नई दिल्ली निवासी अनीसा बानो और संभल निवासी तमन्ना मलिक ने कहा कि अपने व्यक्तिगत संघर्ष और मन्नत पूर्ण होने के कारण कांवड़ उठाने की बात कही। अनीसा ने बताया कि उनके पति इरफान ने उन्हें तलाक दे दिया था और उन पर हलाला का दबाव बनाया जा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके बच्चे अलीना और इसरान को पति ने अपने पास रख लिया। बच्चों की सुपुर्दगी पाने के लिए वह वर्तमान में दिल्ली कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। अनीसा ने कांवड़ लाने का उद्देश्य बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को वापस पाने की मन्नत मांगी थी, जिसे पूरा करने के लिए वह कांवड़ लेकर आई हैं। वह गाजियाबाद स्थित यतींद्र नरसिंहा महाराज के आश्रम स्थित शिवालय में पहुंचकर जलाभिषेक करेंगी। अब भोलेनाथ ही मदद करेंगे।
उधर, संभल की रहने वाली तमन्ना मलिक पत्नी अमन त्यागी ने अपनी आस्था का अनुभव साझा किया। तमन्ना ने बताया कि उन्होंने एक मन्नत के साथ कांवड़ उठाई थी, जिसे भगवान भोलेनाथ ने पूरा कर दिया। इसी आस्था के चलते वह दोबारा कांवड़ लेकर आई हैं और अपनी कांवड़ का जोड़ा पूरा किया है। तमन्ना अपनी साथी कांवड़िया अनीसा बानो, जो अपने बच्चों के लिए संघर्ष कर रही हैं, के समर्थन में संभल से इस यात्रा में शामिल हुई हैं। दोनों का कहना है कि हिंदू धर्म और यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। कांवड़ यात्रा में शामिल अन्य कांवड़िया और सेवा शिविर संचालक बेहद अच्छे व्यवहार वाले और सम्मान देने वाले हैं।
मुस्लिम धर्म में हमें इंसाफ नहीं मिला, अब भोलेनाथ ही हमारी मदद करेंगे। हमारी हिंदू धर्म में गहरी आस्था है। हिंदू धर्म और यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। कांवड़ यात्रा में शामिल अन्य कांवड़िया और सेवा शिविर संचालक बेहद अच्छे व्यवहार वाले और सम्मान देने वाले हैं - अनीसा बानो, कांवड़िया।
हिंदू धर्म में किसी तरह की बंदिश और पाबंदी नहीं है। इस कांवड़ यात्रा के दौरान हमें हर कदम पर जो अपनापन और सम्मान मिला है, वह अतुलनीय है। हिंदू धर्म में किसी तरह की बंदिश और पाबंदी नहीं है। इस कांवड़ यात्रा के दौरान हमें हर कदम पर जो अपनापन और सम्मान मिला है, वह अतुलनीय है -तमन्ना मलिक, कांवड़िया।
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