Mobile Ban In Tamil Nadu Temples: तमिलनाडु के मंदिरों में 1 सितंबर से मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध; HR&CE विभाग ने जारी किया आदेश, रील और सेल्फी पर लगेगी रोक
तमिलनाडु सरकार के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग ने राज्य के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल फोन ले जाने पर 1 सितंबर से पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। मंदिर परिसरों की पवित्रता, शांति और पारंपरिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है। विभाग के अनुसार, मंदिरों के भीतर फोटो खींचने, वीडियो बनाने, रील्स और सेल्फी शूट करने से अन्य श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जानिए तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल प्रतिबंध से जुड़ी पूरी रिपोर्ट।
चेन्नई: तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&CE Department) ने राज्यभर के सभी प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों में श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन ले जाने पर 1 सितंबर से पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आधिकारिक आदेश जारी किया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसरों की आध्यात्मिक गरिमा, शांति और पारंपरिक पवित्रता की रक्षा के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
क्यों लिया गया मोबाइल प्रतिबंध का फैसला?
एचआर एंड सीई विभाग के अनुसार, पिछले कुछ समय से मंदिर परिसरों में डिजिटल उपकरणों के दुरुपयोग को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं:
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रील्स और सेल्फी का बढ़ता चलन: श्रद्धालु गर्भगृह और मंदिर प्रांगण में पूजा-अर्चना के बजाय फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया रील्स बनाने में व्यस्त रहते थे।
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श्रद्धालुओं को असुविधा: वीडियो बनाने और कैमरों की चमक के कारण कतारों में खड़े आम भक्तों और पूजा कर रहे श्रद्धालुओं के ध्यान व व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
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सुरक्षा और गोपनीयता की चिंता: कई प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आंतरिक हिस्सों में मोबाइल कैमरों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई जा रही थी।
श्रद्धालुओं के लिए की जाएगी विशेष व्यवस्था
प्रतिबंध को सुचारू रूप से लागू करने के लिए मंदिर प्रशासन को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
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फोन जमा काउंटर (Cloakrooms): मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन सुरक्षित जमा करने के लिए विशेष टोकन-आधारित क्लॉक रूम और लॉकर बनाए जाएंगे।
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निगरानी और चेतावनी बोर्ड: मंदिर परिसरों में प्रमुख स्थानों पर सूचना और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि सभी आगंतुकों को नियमों की पूर्व जानकारी मिल सके।
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सख्त जांच व्यवस्था: सुरक्षा कर्मियों और मंदिर कर्मचारियों को प्रवेश द्वारों पर ही फोन ले जाने से रोकने और चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मद्रास हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कदम
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मद्रास हाई कोर्ट ने मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए थे।
एचआर एंड सीई विभाग के इस नए आदेश के बाद तमिलनाडु के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में समान रूप से 'नो-फोन जोन' नियम प्रभावी हो जाएगा, जिससे श्रद्धालु शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन कर सकेंगे।
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