Manoj Kumar Birth Anniversary: 'भारत कुमार' मनोज कुमार की जयंती पर उन्हें याद कर रहा देश; सिनेमा में देशभक्ति को अमर बनाने वाले महानायक की कहानी

हिंदी सिनेमा में देशभक्ति को एक नया आयाम देने वाले दिग्गज अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार (Manoj Kumar) की जयंती के अवसर पर पूरा देश और फिल्म जगत उन्हें नमन कर रहा है। 'पूरब और पश्चिम', 'उपकार', 'क्रांति' और 'शहीद' जैसी कालजयी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने वाले 'भारत कुमार' का सिनेमाई योगदान आज भी अमर और अतुलनीय है।

Jul 24, 2026 - 10:21
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Manoj Kumar Birth Anniversary: 'भारत कुमार' मनोज कुमार की जयंती पर उन्हें याद कर रहा देश; सिनेमा में देशभक्ति को अमर बनाने वाले महानायक की कहानी

मुंबई: हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब-जब देशभक्ति की बात होती है, तो जिस एक कलाकार का चेहरा और फिल्में सबसे पहले आंखों के सामने आती हैं, वे हैं दिग्गज अभिनेता, निर्देशक और स्क्रीनराइटर मनोज कुमार (Manoj Kumar)। आज उनकी जयंती के अवसर पर मनोरंजन जगत, राजनेता और देश भर के प्रशंसक उन्हें नमन कर रहे हैं।

भारतीय सिनेमा में देशप्रेम, भारतीय संस्कृति और मूल्यों को जिस शिद्दत से मनोज कुमार ने बड़े पर्दे पर उतारा, उसी की बदौलत उन्हें प्यार से 'भारत कुमार' (Bharat Kumar) का नाम मिला।

लाल बहादुर शास्त्री की सलाह पर बनाई थी 'उपकार' (The Story Behind 'Upkar')

24 जुलाई 1937 को एबटाबाद (अब पाकिस्तान में) जन्मे हरिकिशन गिरि गोस्वामी ने बड़े पर्दे पर कदम रखते ही अपना नाम 'मनोज कुमार' रख लिया। साल 1965 में आई फिल्म 'शहीद' (अमर शहीद भगत सिंह पर आधारित) की सफलता के बाद देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री उनकी कला से बेहद प्रभावित हुए थे।

शास्त्री जी ने मनोज कुमार से अपने दिए नारे "जय जवान, जय किसान" पर एक फिल्म बनाने का आग्रह किया था। इसके बाद मनोज कुमार ने कालजयी फिल्म 'उपकार' (1967) का निर्माण और निर्देशन किया, जिसमें 'भारत' का किरदार और "मेरे देश की धरती सोना उगले..." गाना आज भी हर भारतीय की रूह में देशभक्ति का जज्बा भर देता है।

सिनेमाई सफर और मील के पत्थर

मनोज कुमार केवल एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सिद्धहस्त पटकथा लेखक और दूरदर्शी निर्देशक भी थे।

  • मास्टरपीस फिल्में: 'पूरब और पश्चिम', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'क्रांति', 'शोर' और 'गुमनाम' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए इतिहास रचे।

  • भारतीयता का संदेश: उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने पश्चिमी संस्कृति के मुकाबले भारतीय मूल्यों और परंपराओं का परचम हमेशा ऊंचा रखा।

राष्ट्रीय सम्मान और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट और अविस्मरणीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1992 में पद्म श्री से सम्मानित किया। इसके बाद साल 2015 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान 'दादा साहेब फाल्के पुरस्कार' से नवाजा गया।

आज उनकी जयंती पर सोशल मीडिया पर #ManojKumar और #BharatKumar ट्रेंड कर रहा है। उनके निभाए किरदार, संवाद और देशभक्ति के अमर गीत आज भी आने वाली पीढ़ियों को अपने देश पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं।

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