Lokmanya Tilak National Award 2026: एनएसए अजीत डोभाल को पुणे में मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार; गृह मंत्री अमित शाह ने सौंपा सम्मान
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को 1 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रतिष्ठित 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर यह पुरस्कार प्रदान किया। समारोह में अजीत डोभाल ने पुणे से जुड़ी अपनी बचपन की यादें साझा कीं और युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
पुणे: देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Doval) को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और देश की सुरक्षा रणनीतियों को नए मुकाम पर पहुंचाने के लिए 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' (Lokmanya Tilak National Award 2026) से सम्मानित किया गया है।
पुणे के मुकुंदनगर स्थित कटारिया हाई स्कूल मैदान में शनिवार (1 अगस्त 2026) को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर यह भव्य समारोह आयोजित किया गया। तिलक स्मारक ट्रस्ट (Tilak Smarak Trust) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में अजीत डोभाल को यह पुरस्कार प्रदान किया।
"इतिहास के पन्नों में डोभाल जी का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा": अमित शाह
समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने अजीत डोभाल के दशकों लंबे अद्वितीय योगदान की सराहना की।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा:
"जब भी भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा का इतिहास लिखा जाएगा, अजीत डोभाल जी के लिए एक स्वर्णिम पृष्ठ आरक्षित रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में डोभाल जी ने देश की विदेश नीति और सुरक्षा ढांचे को 'स्टील की रीढ़' (Backbone of Steel) दी है। उन्होंने अपनी खुफिया रणनीति और अभियानों के जरिए देश को सुरक्षित बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।"
गृह मंत्री ने 2008 के अहमदाबाद बम धमाकों का जिक्र करते हुए याद किया कि कैसे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर अजीत डोभाल के इनपुट्स ने देश भर में फैले 13 बम धमाकों के नेटवर्क को एक साथ सुलझाने में मदद की थी।
अजीत डोभाल ने याद किया पुणे से अपना 76 साल पुराना नाता
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद एनएसए अजीत डोभाल ने बेहद विनम्रता से सम्मान स्वीकार किया। उन्होंने 76 साल पहले जब उनके पिता की सेना में पोस्टिंग पुणे में हुई थी, तब की अपनी बचपन की यादें साझा कीं।
अजीत डोभाल ने भावुक होकर कहा:
"लगभग 76 साल पहले जब मैं केवल पांच साल का था, तब पहली बार पुणे आया था। मेरे स्कूल में एक हिंदी शिक्षक ने बाल गंगाधर तिलक जी के जीवन पर भाषण दिया था, जहाँ से मुझे पहली बार लोकमान्य तिलक जी के बारे में जानने की प्रेरणा मिली। मैंने कभी नहीं सोचा था कि 76 साल बाद मैं उसी पावन धरती पर उनके नाम का राष्ट्रीय पुरस्कार लेने वापस आऊँगा। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"
युवाओं से राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील
अजीत डोभाल ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास इस समय वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमताओं को साबित करने का बेहतरीन अवसर है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्राथमिकताओं में राष्ट्रहित और राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें।
दिग्गजों की उपस्थिति
समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित राज्य के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि 1983 में शुरू हुए इस पुरस्कार से पहले एस.एम. जोशी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. मनमोहन सिंह जैसी महान हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है। पिछले वर्ष (2025) यह सम्मान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को दिया गया था।
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