कर्नाटक में मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद भी विभाग आवंटन में देरी; भड़के आर. अशोक ने राहुल गांधी और राज्य सरकार से पूछे तीखे सवाल

कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के चार दिन बाद भी 19 नए मंत्रियों को विभाग (Portfolios) आवंटित न किए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) और वरिष्ठ बीजेपी नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कर्नाटक शासन करने के लिए एक राज्य है या गुटों के बीच लूटने के लिए कोई साम्राज्य है।

Aug 07, 2026 - 13:56
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कर्नाटक में मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद भी विभाग आवंटन में देरी; भड़के आर. अशोक ने राहुल गांधी और राज्य सरकार से पूछे तीखे सवाल

बेंगलुरु। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को कर्नाटक में नए मंत्रियों को विभाग सौंपने में हुई चार दिन की देरी की आलोचना की और इस मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। 

भाजपा नेता अशोक ने सत्ताधारी पार्टी पर अंदरूनी सत्ता संघर्ष में उलझे होने का आरोप लगाया और कहा कि कामकाज ठप पड़ गया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से सवाल करते हुए आर. अशोक ने पूछा कि क्या कर्नाटक शासन चलाने के लिए एक राज्य है या आपके गुटों के बीच लूटने के लिए कोई साम्राज्य?"

आर. अशोक ने आरोप लगाया, "कैबिनेट का विस्तार करने में ही अंदरूनी खींचतान के कारण पूरे दो महीने लग गए। अब शपथ लेने के चार दिन बाद भी 19 नए मंत्री बिना किसी विभाग के घूम रहे हैं, जबकि आपके (राहुल गांधी) नेता मलाईदार विभागों के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।"

आर. अशोक ने आरोप लगाया कि पूरी सरकार ठप पड़ी है, क्योंकि कांग्रेस के कर्ता-धर्ता जनता की सेवा करने के बजाय सत्ता के दलालों को खुश करने में लगे हैं। जहां किसान, युवा, महिलाएं और कारोबारी एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की उम्मीद कर रहे थे, वहीं सत्ताधारी कांग्रेस विभागों के बंटवारे, रुतबे और राजनीतिक संरक्षण की आपसी खींचतान में उलझी हुई थी।

उन्होंने पूछा, "क्या यही वह 'कर्नाटक मॉडल' है, जिसकी आप लोग इतनी डींगें हांकते रहते हैं?"

आर. अशोक ने कांग्रेस आलाकमान की रिमोट-कंट्रोल पॉलिटिक्स की आलोचना की और आरोप लगाया कि गुटबाजी को न रोक पाने की वजह से कर्नाटक का प्रशासन मजाक का पात्र बनकर रह गया है।

आर. अशोक ने कहा, "कर्नाटक की जनता ने कामकाज और सुशासन के लिए वोट दिया है, न कि सत्ता और पदों के लिए कभी न खत्म होने वाली खींचतान के लिए।"

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से गतिरोध खत्म करने की अपील करते हुए सरकार से कहा कि वह तुरंत नए मंत्रियों को विभाग (Portfolio) सौंपे और कामकाज पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, "आपसी कलह बंद करें। विभाग बांटें और कामकाज शुरू करें।"

यह आलोचना ऐसे समय में हो रही है, जब कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस के भीतर अहम विभागों को लेकर लॉबिंग चल रही है और शुक्रवार को विभागों के बंटवारे की उम्मीद है।

तमिलनाडु के कई विधायकों ने मंत्रिमंडल में जगह न पाने पर नाराजगी जता चुके हैं, हालांकि नाराजगी जताने वाले नेताओं ने पार्टी के साथ रहने की प्रतिबद्धता जताई है।

इनपुट :आईएएनएस

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