JSSC CGL Exam Cancelled Jharkhand: छात्रों के भारी विरोध के बाद हेमंत सोरेन कैबिनेट का बड़ा फैसला; जेएसएससी-सीजीएल और TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, भाजपा बोली- बिना CBI जांच नहीं खुलेगा सच

झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्रों के व्यापक आंदोलन के आगे झुकते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा वर्ष 2014 से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं और परिणामों को रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार ने पूरे मामले की सीआईडी (CID) जांच और वरिष्ठ आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति गठित करने का ऐलान किया है। वहीं, भाजपा और प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने इस कदम को अधूरा बताते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग पर अड़े रहने की बात कही है। जानिए इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट।

Aug 18, 2026 - 11:31
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JSSC CGL Exam Cancelled Jharkhand: छात्रों के भारी विरोध के बाद हेमंत सोरेन कैबिनेट का बड़ा फैसला; जेएसएससी-सीजीएल और TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, भाजपा बोली- बिना CBI जांच नहीं खुलेगा सच
Jharkhand Govt Cancels JSSC CGL & TDPL Exams: BJP Demands CBI Probe

रांची। झारखंड में JSSC - CGL परीक्षा और TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई है। 

भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने दृढ़ संकल्प, एकता और संघर्ष के दम पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया।

मरांडी ने कहा कि JSSC - CGL परीक्षा का रद्द होना छात्रों की बड़ी जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो मुख्यमंत्री पहले छात्रों के आरोपों को खारिज कर रहे थे, अब वही उनकी मांग मानने को मजबूर हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा CBI जांच के आदेश नहीं दिए जाने से उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। मरांडी ने कहा कि JSSC - CGL में कथित नौकरी बिक्री के आरोपों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मित्र विनोद सिंह, जेएसएससी के तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा, सुधीर गुप्ता, प्रशांत और मुख्यमंत्री आवास की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि जेपीएससी परीक्षाओं में कथित धांधली और उसमें मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा गिरिडीह के झामुमो जिला अध्यक्ष की कथित भूमिका की भी जांच कराई जाए।

मरांडी ने कहा, "परीक्षा रद्द होना केवल पहला चरण है। CBI जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई ही छात्रों के संघर्ष की वास्तविक जीत होगी।"

इसी मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र 23 दिनों से आंदोलन और आमरण अनशन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनकी नौकरियों को बेचने का काम किया गया।

साहू ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग थी कि पिछले छह वर्षों में TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के दबाव के कारण हेमंत सोरेन सरकार को उनकी मांगें माननी पड़ीं।

उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और मामले की CBI जांच आवश्यक है। साहू ने आरोप लगाया कि अगर जांच हुई तो कई भ्रष्ट अधिकारी और जिम्मेदार लोग जांच के दायरे में आएंगे।

इस बीच, मुख्यमंत्री द्वारा परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत की। मीडिया के सामने हुई इस बातचीत में सोनम वांगचुक ने आंदोलनकारी छात्रों को बधाई दी।

वांगचुक ने कहा, "सभी छात्रों को बधाई। मुझे खुशी है कि आपकी मेहनत रंग लाई।" उन्होंने छात्रों के साथ-साथ सरकार और मुख्यमंत्री को भी बधाई दी।

वहीं, देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों ने सोनम वांगचुक के मार्गदर्शन और प्रेरणा से संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि भूख हड़ताल के 16वें दिन और आंदोलन के 23वें दिन सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार कर लीं।

महतो ने कहा, "यह ऐसी जीत है जिसमें किसी की हार नहीं हुई है। यह छात्रों की भी जीत है और सरकार की भी, क्योंकि सरकार भी अच्छा करना चाहती है। यह सबकी जीत है।"


इनपुट : आईएएनएस

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