नाखूनों के रंग और बनावट में बदलाव दे सकते हैं बड़ी बीमारियों के संकेत; एनीमिया से लेकर फंगल इंफेक्शन और मेलानोमा तक की चेतावनी
हमारे नाखून केवल हाथ-पैरों की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि वे हमारे आंतरिक स्वास्थ्य का दर्पण भी हैं। नाखूनों का बदलता रंग, उनका टूटना, धब्बे पड़ना या उनकी बनावट में बदलाव कई गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। शरीर में आयरन की कमी (एनीमिया), फंगल इंफेक्शन, फेफड़ों व हृदय से जुड़ी स्थितियों (नेल क्लबिंग) से लेकर त्वचा कैंसर (मेलानोमा) तक के संकेत नाखूनों के जरिए समझे जा सकते हैं।
शरीर में जब भी कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या या न्यूट्रिशन की कमी होती है, तो उसके लक्षण सबसे पहले हमारी त्वचा, बालों और नाखूनों (Nails) पर दिखाई देने लगते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नाखूनों के रंग, आकार और बनावट में आने वाले बदलावों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
आयरन की कमी से लेकर फंगल इंफेक्शन, दिल और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों और यहाँ तक कि त्वचा के कैंसर (Subungual Melanoma) जैसे गंभीर रोगों के सुराग नाखूनों से मिल सकते हैं।
1. आयरन की कमी और 'चम्मच जैसे नाखून' (Koilonychia)
यदि आपके नाखून बीच में से धंसने लगे हैं और किनारे ऊपर की ओर उठ गए हैं (चम्मच जैसा आकार), तो इसे चिकित्सा विज्ञान में कोइलोनीकिया (Koilonychia) कहा जाता है:
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मुख्य कारण: यह शरीर में आयरन की भारी कमी (Anemia) का मुख्य संकेत है।
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अन्य लक्षण: नाखून पतले, कमजोर और आसानी से टूटने वाले हो जाते हैं।
2. फंगल इंफेक्शन (Onychomycosis)
नाखूनों का पीला, हरा या मटमैला होना और उनका मोटा होकर टूटना फंगल इंफेक्शन के लक्षण हैं:
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पहचान: नाखून की सतह परतदार होने लगती है और उसमें से दुर्गंध आ सकती है।
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बचाव: हाथों और पैरों को सूखा व साफ रखना और समय पर एंटी-फंगल दवाइयां लेना इसके इलाज के लिए जरूरी है।
3. नेल क्लबिंग (Nail Clubbing)
जब उंगलियों के पोर (Tips) सूज जाते हैं और नाखून नीचे की ओर मुड़कर उल्टे चम्मच जैसे दिखने लगते हैं, तो इसे नेल क्लबिंग कहते हैं:
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गंभीर बीमारियों का संकेत: यह स्थिति रक्त में ऑक्सीजन की लगातार कमी को दर्शाती है।
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संबंधित बीमारियां: यह फेफड़ों के कैंसर, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), दिल की बीमारियों या लिवर/आंतों के संक्रमण से जुड़ी हो सकती है।
4. नाखून पर काली या भूरी रेखा (Melanoma Risk)
यदि नाखून के नीचे अचानक कोई काली, गहरी भूरी या लाल-काली वर्टिकल (ऊर्ध्वाधर) पट्टी/लाइन दिखाई देने लगे और वह समय के साथ बढ़े, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से संपर्क करना चाहिए:
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कैंसर का खतरा: यह सबउंगल मेलानोमा (Subungual Melanoma) नाम के दुर्लभ और गंभीर त्वचा कैंसर का लक्षण हो सकता है।
5. नाखूनों का सफेद या पीला पड़ना
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सफेद नाखून (Terry's Nails): नाखून का अधिकांश हिस्सा सफेद और ऊपरी किनारा गुलाबी दिखना लिवर रोग (सिरोसिस), किडनी फेलियर या डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
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पीले नाखून: यह सांस से जुड़ी समस्याओं (जैसे ब्रोंकाइटिस) या थायराइड की बीमारी का संकेत हो सकता है।
डॉक्टर की सलाह कब लें?
नाखूनों में बिना किसी बाहरी चोट के अचानक बदलाव आना, दर्द होना, मवाद बनना या रंग का गहरा होना किसी आंतरिक बीमारी की चेतावनी है। ऐसे में घरेलू उपचार करने के बजाय समय पर डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
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