Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का संदिग्ध हालात में शव बरामद; टीएमसी कार्यालय में फंदे से लटके मिले, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया और भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए राजनीति में आने को अपनी भूल बताया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

Aug 16, 2026 - 11:22
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Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का संदिग्ध हालात में शव बरामद; टीएमसी कार्यालय में फंदे से लटके मिले, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
Former Bengal Dy Speaker Asish Banerjee Found Dead In TMC Office

बीरभूम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पांच बार विधायक रह चुके वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी (Asish Banerjee) का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट में उनके आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसकी जांच की जा रही है।

सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा

रिपोर्ट्स के अनुसार, बरामद सुसाइड नोट में पूर्व डिप्टी स्पीकर ने अपने जीवन और राजनीतिक सफर को लेकर कई भावुक बातें लिखी हैं:

  • किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया: उन्होंने पत्र के अंत में स्पष्ट रूप से लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है।

  • भ्रष्टाचार से इनकार: आशीष बनर्जी ने दृढ़ता से कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए और न ही वे किसी भ्रष्टाचार में शामिल रहे।

  • टीआरडीए (TRDA) मामले पर सफाई: तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष के रूप में उन्होंने उल्लेख किया कि टेंडर आवंटन, चेक जारी करने या एनओसी (NOC) से जुड़े प्रशासनिक फैसलों में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी और उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा था।

  • राजनीति में आने पर जताया पछतावा: कॉलेज में लंबे समय तक प्रोफेसर रहे बनर्जी ने लिखा कि एक शिक्षक के रूप में उन्हें जो सम्मान मिला, वह अमूल्य था और उनका राजनीति में प्रवेश करना एक बड़ी भूल साबित हुई। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी राजनीति से दूर रहने की सलाह दी।

रामपुरहाट से 25 वर्षों तक रहे विधायक

आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल और बीरभूम की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं:

  1. लंबा राजनीतिक सफर: वे 2001 से 2026 तक लगातार 25 वर्षों तक रामपुरहाट विधानसभा सीट से विधायक रहे।

  2. मंत्री और डिप्टी स्पीकर: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने स्कूल शिक्षा, आयुष और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला तथा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के पद पर भी अपनी सेवाएं दीं।

  3. चुनावी असफलता के बाद सक्रियता में कमी: 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें रामपुरहाट सीट से भाजपा के ध्रुब साहा के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी की बीरभूम जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था और वे राजनीति में कम सक्रिय देखे जा रहे थे।

पुलिस कर रही है सभी पहलुओं की जांच

बीरभूम जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का उनके आवास पर जमावड़ा लग गया है।

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