Badrinath Dham Donation Theft: बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, मंदिर समिति के निलंबित PA प्रमोद नौटियाल को SIT ने देहरादून से किया गिरफ्तार
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) के दानपात्र से चढ़ावे की चोरी और अनियमितताओं के मामले में पुलिस और एसआईटी (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के निलंबित निजी सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल को देहरादून स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पैसे और सोने-चांदी के सिक्के चुराने का आरोप है।
देहरादून/चमोली: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) और चमोली पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार रात मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल (Pramod Nautiyal) को देहरादून स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है।
प्रमोद नौटियाल, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के निजी सहायक (Personal Assistant) के पद पर कार्यरत थे, जिन्हें सोशल मीडिया पर शिकायतें आने और आंतरिक जांच के बाद हाल ही में निलंबित (Suspend) कर दिया गया था।
सीसीटीवी फुटेज से खुला था 'चोरी का राज'
चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुरजीत सिंह पंवार ने न्यूज़ एजेंसियों को पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की गई और देर रात करीब 10:00 बजे उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उसे चमोली जिले के गोपेश्वर कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड मांगेगी।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब 2 जुलाई को मंदिर के दानपात्र (Donation Counting Room) में चढ़ावे की गिनती चल रही थी। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि प्रमोद नौटियाल बेहद संदिग्ध तरीके से काउंटिंग रूम से 500 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियां, सोने और चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए लिफाफे चुराकर अपने कार्यालय में छिपा रहे थे। वह बार-बार काउंटिंग रूम और अपने केबिन के चक्कर लगा रहे थे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा था- "गोकशी जैसा जघन्य पाप"
इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कड़ी नाराजगी जताई थी। सीएम धामी ने इसे "गोकशी जैसा जघन्य पाप" करार देते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मंदिर समिति (BKTC) के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर पर बद्रीनाथ कोतवाली में आरोपी के खिलाफ चोरी (धारा 306) और आपराधिक विश्वासघात (धारा 316-5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय 3-सदस्यीय जांच समिति भी बनाई है, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
भले ही आरोपी प्रमोद नौटियाल ने इस कार्रवाई और एफआईआर के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है, लेकिन पुलिस और एसआईटी ने पुख्ता सबूतों के आधार पर यह पहली बड़ी गिरफ्तारी की है। प्रशासन ने साफ किया है कि बाबा बद्रीविशाल के दरबार में भक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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