PM Modi on Olympic Vision: 'ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाना हमारा लक्ष्य, हम उन खेलों को जानते तक नहीं जिनमें दूसरे देश पदक जीतते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय खेलों के भविष्य के रोडमैप पर खुलकर बात करते हुए ओलंपिक में भारत की भागीदारी और पदक संभावनाओं को कई गुना बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। एथलीटों, प्रशिक्षकों और खेल प्रशासकों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने एक अहम और आत्ममंथन करने वाली बात कही कि ओलंपिक में कई ऐसे खेल और स्पर्धाएं हैं जिनके बारे में देश में व्यापक स्तर पर जानकारी तक नहीं है, जबकि कई छोटे देश उन्हीं स्पर्धाओं में दर्जनों पदक जीत लेते हैं। जानिए पीएम मोदी के बयान के मुख्य बिंदु, खेल विविधीकरण की रणनीति और ओलंपिक विजन से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Aug 27, 2026 - 14:25
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PM Modi on Olympic Vision: 'ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाना हमारा लक्ष्य, हम उन खेलों को जानते तक नहीं जिनमें दूसरे देश पदक जीतते हैं
PM Modi: Increase Olympic Participation, Focus On Unexplored Sports

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत देश भर के युवा एथलीटों को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एथलीटों से ओलंपिक में अपनी भागीदारी बढ़ाने की अपील की। 

पीएम ने कहा कि देश को 2036 ओलंपिक की तैयारियों के तहत उन खेलों में एथलीट तैयार करने चाहिए जिनमें पारंपरिक रूप से हमारा प्रतिनिधित्व बहुत कम या बिल्कुल नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उनकी क्षमता के मुताबिक उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए अभियान चलाया जाएगा।  

प्रधानमंत्री ने कहा, "इस बार, लाल किले से, मैंने देश का ध्यान खेलों में एक बड़ी चुनौती की ओर दिलाया। यह चुनौती ओलंपिक से जुड़ी है। कड़वी सच्चाई यह है कि भारत की टीमें ओलंपिक का हिस्सा बनने वाले आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेती हैं। भारत की सीमित भागीदारी लंबे समय से एक चिंता का विषय रही है। इसका सीधा असर कुल पदकों पर पड़ता है।हम मेडल टैली के बहुत बड़े हिस्से के लिए मुकाबला नहीं करते हैं। यह स्थिति काफी समय से है। 2012 के ओलंपिक्स में, भारत ने सिर्फ 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से ज्यादा खेलों में, हमारी सहभागिता नहीं थी।"

प्रधानमंत्री ने सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे खेलों का जिक्र ऐसे क्षेत्रों के रूप में किया, जहां भारत देश की अलग-अलग जगहों को देखते हुए अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकता है।

उन्होंने कहा, "ऐसे बहुत से खेल हैं जिनके नाम देश के लोगों ने शायद सुने होंगे। दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं। हम उन खेलों में हिस्सा नहीं लेते। हमें इन खेलों में भी पदक टैली बढ़ाने के लिए महारत हासिल करनी होंगी। उदाहरण के लिए, सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग में हम ऐसा कर सकते हैं।" 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के समुद्र तट, पहाड़ और अलग-अलग तरह के इलाके देश को पानी, पहाड़ों और सर्दियों के खेलों से जुड़े खेलों में टैलेंट को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का मौका देते हैं। हमारे पास इतनी लंबी कोस्टलाइन और इतना बड़ा पहाड़ी इलाका है, जहां ऐसे खेल के प्रति स्वभाविक लगाव हो सकता है। हमारे पास वॉटर और विंटर स्पोर्ट्स में सफल होने के लिए जरूरी डेमोग्राफी और भूगोल हैं। फिर भी, हम ऐसे खेलों में दुनिया में कहीं नहीं हैं। 

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में खेल की पहुच बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर मौके बनाने होंगे। हमें अलग-अलग जिलों में ऐसे मौके बनाने होंगे, जहां एक खास खेल का इकोसिस्टम विकसित हो सके।  

पीएम ने कहा कि 2036 ओलंपिक्स को देखते हुए हमारा फोकस उन एथलीटों की पहचान करने पर होना चाहिए जो गेम्स के लिए क्वालीफाई कर सकें और उनमें हिस्सा ले सकें। इसके लिए हमारा फोकस 5 से 15 साल के प्रतिभाओं की खोज पर रहेगा। 15 अगस्त को मैंने प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। 

उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ यह नहीं देखना है कि कौन सा बच्चा किस खेल में रुचि रखता है, बल्कि हमें यह भी तय करना है कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए उपयुक्त है। हमें उस बच्चे को उसी हिसाब से प्रशिक्षित करना है। 

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें खेल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।  


इनपुट : आईएएनएस

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