नीट री-एग्जाम में धोखाधड़ी पर एनटीए का शिकंजा, NTA DG अभिषेक सिंह बोले- कोई नहीं बचेगा
NTA महानिदेशक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी अभ्यर्थी या व्यक्ति नकल, प्रतिरूपण या किसी अन्य प्रकार की परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी में शामिल होगा, उसे पकड़ा जाएगा. उन्होंने कहा हमारी सुरक्षा व्यवस्था का मकसद ही यह है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर सके.
नई दिल्ली: कल यानि रविवार को हुई नीट री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय जिले से नकल और इम्पर्सनेशन के कुछ मामले सामने आए हैं. इस पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन ले जाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ लोग दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने का प्रयास कर रहे थे. हालांकि, एजेंसी की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था के कारण इन प्रयासों को समय रहते पकड़ लिया गया.
NTA DG भिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एनटीए ने कई लेवल की सुरक्षा व्यवस्था लागू की. परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की सघन तलाशी, पहचान पत्रों की जांच, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि इन सभी सुरक्षा उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति अनुचित साधनों का उपयोग कर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके.
कोई भी धोखाधड़ी करने वाला बच नहीं पाएगा: एनटीए महानिदेशक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी अभ्यर्थी या व्यक्ति नकल, प्रतिरूपण या किसी अन्य प्रकार की परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी में शामिल होगा, उसे पकड़ा जाएगा. उन्होंने कहा हमारी सुरक्षा व्यवस्था का मकसद ही यह है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर सके. यदि कोई ऐसा प्रयास करता है तो वह निश्चित रूप से पकड़ा जाएगा.
डिटेल्स ये हैं
नीट री एग्जाम का आयोजन 21 जून को देश भर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर हुआ था. एग्जाम में 22.79 लाख से अधिक कैंडिडेट शामिल हुए थे. इसमें 13 लाख से ज्यादा छात्राएं और 9 लाख से अधिक छात्र शामिल थे. इस एग्जाम का आयोजन देश भर के 551 केन्द्रो और विदेश में बनाए गए 14 केंद्रों पर हुआ था. परीक्षा दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 5:15 तक आयोजित की गई.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) परीक्षा 13 भाषाओं में कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच आयोजित की गई. परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक- फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, सिग्नल जैमर और दो-स्तरीय तलाशी (फ्रिस्किंग) जैसी व्यवस्थाएं की गईं. इसके अलावा NTA शिक्षा मंत्रालय, राज्य मुख्यालयों और जिला प्रशासन की तरफ से स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों के माध्यम से परीक्षा की रियल-टाइम निगरानी भी की गई.
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